हरदोई में अवैध चल रही असलहा फैक्ट्री में कट्टा और पिस्टल बन रहे थे। पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा।
हरदोई जिले में झोपड़ी में असलहों की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। इसमें लाखों के असलहे तैयार हो रहे थे। पुलिस ने इस झोपड़ी में संचालित हो रही एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार नगद का पुस्कार दिया है। इसमें कट्टा तमंचा से लेकल रायफल मोडिफाई करने का काम तल रहा था।
जिले के एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जनपद में हो रही आपराधिक घटनाओं में अवैध असलहों का प्रचलन होने की जानकारी पर उन्होंने एएसपी पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह को निर्देशित किया था। एएसपी के पर्यवेक्षण और सीओ शाहाबाद के नेतृत्व में मंझिला थानाध्यक्ष छोटेलाल की टीम को अवैध शस्त्र फैक्ट्री पर रोक लगाने के लिए निर्देशित किया गया। इसी बीच मझिला पुलिस को शुक्रवार की सुबह एक बड़ी सफलता हाथ लगी। एसपी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम उलनापुर में ईट भट्ठे के पीछे रमेश के खेत में पेड़ के नीचे बनी झोपड़ी में 4 व्यक्ति अवैध रुप से तमंचा बनाने की फैक्ट्री लगाकर अवैध शस्त्र बना रहे है। सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। यहां पर पुलिस ने उलनापुर गांव निवासी रमेश व धीर सिंह ऊर्फ धीरेन्द्र, लोनार थाना के ठेहापुर निवासी बृजेश व पुनीत को मौके से असलहा बनाते हुए पकड़ लिया। फरार लोगों की तलाश की जा रही है।
रायफल समेत 10 असलहे बरामद
एसपी ने बताया कि पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तगण के कब्जे से एक रायफल समेत 10 असलहे, अर्द्ध निर्मित असलहे व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किये हैं। गिरफ्तार किया गया बृजेश कुछ समय पहले ही अवैध असलहों के मामले में जेल से जमानत पर छूटा है। फिर उसी काम मे संलिप्त हो गया था। पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
मामले की जांच करेगी पुलिस
खुलासे में एसपी ने बताया कि अभी जांच की जा रही है इन लोगों ने कहां कहा शस्त्र बेचे हैं? कितने रुपए का बेचते थे, कहां तक सप्लाई कर रहे थे। अवैध शस्त्र खरीदने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। साथ ही इनको कट्टे तमंचे आदि का सामान कहां से मिलता है इस पर भी जांच की जाएगी।