कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाथरस में सपा पर बोला हमला, सपा पर जनता का पैसा अपने कार्यकर्ताओं में बांटने का लगाया आरोप
हाथरस। हाथरस में एक सम्मेलन में भाग लेने आए प्रदेश सरकार में कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पर्टी ने जनता का पैसा अपनों में बांटा था, अपने कार्यकर्ताओं को साइकिल रेबड़ी की तरह बांटी थीं। समाजवादी पार्टी ने श्रमिकों का पैसा और योजनाओं दुरुपयोग किया था। भारतीय जनता पार्टी इसे खत्म करके एक दर्जन से अधिक नई योजना लेकर आई। भाजपा सरकार गरीबों के चेहरे पर मुस्कान मुस्कान लोने का काम कर रही है। देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ की जो चाहत गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाने की है, सभी मिलकर उसी पर काम करेंगे।
भाजपा सरकार ने किया सपनों को पूरा
हाथरस में लक्खी मेला दाऊजी महाराज में आयोजित सविता समाज उत्थान समिति द्वारा आयोजित सेन नन्द समाज के राजनीतिक भागीदारी महा सम्मेलन में भाग लेने आए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जल्द ही सविता समाज से किसी न किसी को सरकार में उच्च पद पद हिस्सेदारी दिलाने का वादा किया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि सिर्फ भाजपा सरकार ने डाक्टर भीमराव आम्बेडकर और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को पूरा किया है। देश के सर्वोच्च पद पर दलित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और दूसरे सबसे बड़े पद पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पिछड़े वर्ग को बैठाया है। इसके साथ समाजवादी पार्टी के साथ अन्य पार्टियों की कार्यशैली पर भी वार करते हुए भाजपा को उनकी पार्टी बताया। समाज का हर कदम साथ देने का वादा भी किया। मीडिया से फ्री साइकिल योजना के सवाल पर मन्त्री ने अपनी मजदूर गरीबों के लिए तमाम योजनाओं का गुणगान करते हुए मजदूर के बेटे बेटियों को शिक्षा के लिए पैसा, शादी के लिए पैसा घायलों के लिए पैसा देने की बता कही। इसके साथ ही समाजवादी की फ्री साइकिल योजना पर हमला करते हुए कहा कि इन्होंने मजदूर गरीबों का पैसा और साइकिलों को अपने कार्यकर्ताओं में रेबडी की तरह बांटा था।
लखनऊ हत्या कांड की होगी जांच
लखनऊ में पुलिस कर्मियों द्वारा एक व्यक्ति की गोली मारकर हुई हत्या के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस मामले में उच्य स्तरीय जांच कराई जाएगी। वहीं एससी एसटी एक्ट के मामले में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाएगा।