Hathras Accident: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुए हादसे में 27 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि अभी यह आंकड़ा बढ़ सकता है। हादसे की गंभीरता देखते हुए सीएम कार्यालय से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
Hathras Accident: यूपी के हाथरस में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग समारोह के दौरान बड़ी भगदड़ मच गई। इसमें 24 महिलाएं, दो पुरष और एक बच्चे की मौत हो गई। अब बड़ा सवाल ये है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सत्संग स्थल पर पहुंचे थे तो पुलिस कहां थी? प्रशासन क्या कर रहा था? भीड़ को काबू में रखने के लिए क्या इंतजाम थे? बहरहाल सीएम योगी के कार्यालय से इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
सूत्रों का कहना है कि हाथरस कांड में सरकार बड़े एक्शन की तैयारी में है। आयोजक मंडल समेत स्थानीय प्रशासन पर एक्शन की तैयारी है। हाथरस घटना पर CM Yogi ने एक कमेटी गठित की है। ADG आगरा और और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएम कार्यालय को भेजेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सत्संग समारोह के दौरान जब गेट बंद था तो अचानक किसके कहने पर ये खोला गया। बड़े बड़े लोगों के लिए अलग से व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का मानना है कि इतना बड़ा हादसा पुलिस प्रशासन की लापरवाही से ही हुआ है। उनकी जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं इस मामले में अभी हाथरस के डीएम का बयान सामने नहीं आया है। वहीं एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने 27 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है।
हाथरस हादसे पर संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने मौके पर हाईलेवल टीम भेज दी है। लखनऊ से योगी कैबिनेट के मंत्री लक्ष्मी नारायण, मंत्री संदीप सिंह, चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को मौके पर भेजा गया है। उधर बताया जा रहा है कि सत्संग के पंडाल में अभी तक शव पड़े हुए हैं। हादसे में मरने और घायल होने वाले लोगों को टेंपों से अस्पताल और मोर्चरी पहुंचाया जा रहा है।
घटनास्थल पर संसाधनों का अभाव है। हादसा इतना बड़ा है कि लोकल प्रशासन भी वाहनों की व्यवस्था कराने में नाकाम हो गया है। बताया जा रहा है कि ये घटना दोपहर के पहले की है, लेकिन काफी देर तक अधिकारियों ने शासन को इसकी सूचना ही नहीं दी।