भाजपा नेता के बयान के बाद भाजपा के पदाधिकारियों में खलबली मच गई है।
हाथरस। उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर जहां भाजपा रणनीति बनाने में जुटी है। वहीं हाथरस में भाजपा जिला इकाई में रार शुरू हो गयी है। यहां भाजपा के नगर अध्यक्ष मूल चंद्र वार्ष्णेय ने हाथरस में वार्डों के संयोजक बनाकर उनका स्वागत किया। इसका अब विरोध शुरू हो गया है। ये विरोध भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा किया जा रहा है। जिसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गयी हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने खोला मोर्चा
वार्डों के संयोजकों की घोषणा के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रमेश चंद आर्य ने विरोध प्रकट किया है। भाजपा नेता रमेश चंद्र आर्य ने मूलचन्द द्वारा बनाई गई कमेटी को फर्जी करार देते हुए कहा कि नगर अध्यक्ष को ऐसी कमेटी बनाने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा नेता के इस बयान से पार्टी के अन्य पदाधिकारियों में खलबली मच गई है। तो वहीं वार्ड संयोजक अपने-अपने पदों को लेकर चिंता में पड़ गए हैं।
ये भी पढ़ें
खतरे में पड़ सकती है नगर अध्यक्ष कुर्सी
बता दें कि भाजपा हाईकमान निकाय चुनाव में किसी भी तरीके का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। अगर यह विवाद पार्टी हाईकमान तक पहुंचता है तो भाजपा नगर अध्यक्ष की सीट खतरे में पड़ सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय मंत्री ब्रज प्रान्त चौधरी नत्थी सिंह ने नगर अध्यक्ष के सभी अधिकार सीज कर दिए हैं। वहीं कुछ भाजपा नेता इस रार को चुपचाप दबाने में लगे हुए हैं।
निकाय चुनाव में हो सकता है नुकसान
अगर भाजपा जिला इकाई में रार जल्दी नहीं थमी तो पार्टी को निकाय चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि इस रार को निपटाने के लिए भाजपा हाईकमान क्या फैसला लेता है। फिलहाल इस मामले को लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।