
हाथरस। जिले में प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक के प्रभावी उपयोग बढ़ाने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की अर्द्धदिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी डॉ. रमाशंकर मौर्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस अर्द्धदिवसीय कार्यशाला में प्रतिनिधि अंकित सिंह और शबा खान ने अधिकारियों को रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी।
डाटा सुरक्षित रखने के बारे में दी जानकारी
अर्द्धदिवसीय कार्यशाला में जानकारी देनेे आए प्रतिनिधि अंकित सिंह और शबा खान ने रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक से किसी भी क्षेत्र विशेष का डाटा एकत्रित करने और उसे सुरक्षित रखने के बारे में भी जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से किसी भी प्रकार के डाटा को आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है और इस प्रकार डाटा में कोई भी कमी या गलती होने की संभावना न के बराबर होती है। कृषि विभाग, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, पंचायती राज विभाग तथा अन्य विभाग द्वारा डाटा एकत्रित करने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही इस कार्यशाला में ये भी बताया गया कि प्रांतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की दर, नदियों के बहाव और नहरों के निर्माण में भी प्रक्रिया में भी यह तकनीक मददगार होगी।
सभी विभागों को मिले तकनीक इस्तेमाल करने के आदेश
इसी तरह जननांकीय विश्लेषण, मृदा अपरदन तथा वृक्षारोपण को भी रिमोट सेंसिंग तकनीक से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते है। उन्होने बताया की इस तकनीकी से तमाम जगहो पर लगाये जा रहे वृक्षारोपण तथा वृक्ष आच्छादित क्षेत्र की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते है। कार्यशाला में अधिकारियों को जानकारी देने के बाद प्रतिनिधियों ने सभी विकास विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों से रिमोट सेंसिग तथा जीआईसी तकनीक को प्रभावी ढंग से प्रयोग करने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी डॉ. रमाशंकर मौर्य ने सभी अधिकारियों से अपने अपने विभागों में डाटा एकत्रित करने और मॉनीटरिंग के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का प्रयोग करने के निर्देश दिए। इसी के साथ सभी विभागों के मुख्यालयों को इन तकनीकों को लागू करने के लिए पत्र भी लिखवाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से किसी भी कार्य का दोहरीकरण नहीं होगा और जल निगम से हैण्डपम्प लगवाने, सिंचाई विभाग से नि:शुल्क बोरिंग तथा पंचायती राज्य विभाग से रिमोट सेंसिंग तथा जीआईएस तकनीक लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए।