हाथरस गैंगरेप व हत्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बडी़ कार्रवाई की है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
हाथरस. हाथरस गैंगरेप व हत्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बडी़ कार्रवाई की है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। विनीत जायसवाल को हाथरस का एसपी बनाया गया है। वह पहले शामली के एसपी थे। मामले में हाथरस प्रशासन पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे। मामले में जिस तरह का पुलिस का रवैया रहा है उससे लोगों में आक्रोश हैं। गुरुवार को ही डीएम प्रवीण कुमार का पीड़ित परिवार को धमकाने का वीडियो भी वायरल हुआ था, हालांकि उनके निलंबन पर सस्पेंस बरकरार है। वहीं शुक्रवार शाम को एसपी विक्रम वीर, डीएसपी राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, उप निरीक्षक जगवीर सिंह तथा हेड मुर्रा महेश पाल को सस्पेंड कर दिया गया है।
होगा नार्को टेस्ट-
बताया जा रहा है कि मामले के लिए गठित एसआईटी टीम इस केस से जुड़े सभी लोगों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट करवाएगी। इसमें पुलिसकर्मी व पीड़ित परिवार के लोग भी शामिल होंगे। सीएम योगी ने हाथरस में बीते दिन के पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। जिला व पुलिस प्रशासन की भूमिका के बारे में पूरा ब्योरा मांगा गया है।
ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा- सीएम
इस बीच हाथरस कांड पर सीएम योगी ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए दोषियों को दंड देकर उदाहरण प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने लिखा था कि उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह हमारा संकल्प है-वचन है।