हाथरस

हाथरस कांड में पुलिस और प्रशासन भी दोषी, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने मुकदमे पर उठाए सवाल

Hathras Stampede Case: हाथरस कांड में दर्ज हुई FIR पर पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस- प्रशासनिक अफसरों के साथ-साथ भोले बाबा पर FIR करने की मांग की है।
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Jul 03, 2024
Amitabh Thakur on Hathras Stampede
Amitabh Thakur on Hathras Stampede

Hathras Tragedy: आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने हाथरस हादसे में प्रवचनकर्ता भोले बाबा, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की मांग की है। इंस्पेक्टर सिकंदराराऊ, हाथरस सहित तमाम वरिष्ठ अफसरों को भेजी गई शिकायत मैं उन्होंने लिखा, “इस घटना के संबंध में थाना सिकंदराराऊ में दर्ज एफआईआर संख्या 427/24 में केवल आयोजक और सेवादारों का नाम है और भोले बाबा तक का नाम नहीं लिखा गया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “थाना क्षेत्र थाना सिकंदराराऊ के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी पर भोले बाबा के कथित सत्संग कार्यक्रम के संबंध में घटित घटना का संदर्भ ग्रहण करने की कृपा करें, जिसमें हुई भारी भगदड़ और अव्यवस्था से लगभग डेढ़ सौ व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। दर्ज हुई एफआईआर में उक्त भोले बाबा का नाम आरोपी के रूप में अंकित तक नहीं किया गया है। इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं है।”

‘भोले बाबा की जानकारी के बिना कोई कार्यक्रम संभव नहीं’

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने आगे लिखा, “अब तक प्राप्त तथ्यों से स्पष्ट है कि इस प्रकरण में मात्र सेवादारों और आयोजकों की भूमिका नहीं है, बल्कि इसमें निश्चित रूप से भोले बाबा की स्पष्ट भूमिका और संलिप्तता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह संभव नहीं है कि भोले बाबा की पूरी जानकारी और सहयोग के बिना इस प्रकार का कोई कार्यक्रम और आयोजन हो सके। इतना ही नहीं, यह भी संभव नहीं है कि इस प्रकरण में बिना स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की सहभागिता के यह कार्यक्रम हो सके।”

उन्होंने आगे लिखा, "निष्कर्ष यह कि इस घटना में मात्र आयोजक नहीं है बल्कि इसमें निश्चित रूप से भोले बाबा तथा स्थानीय जिम्मेदार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, जिनके नाम पूर्व में दर्ज किए गए एफआईआर में जानबूझ कर अंकित नहीं किया गया है। इन स्थितियों में मेरे द्वारा यह पृथक शिकायती पत्र अंतर्गत धारा 173 (1) भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 इस अनुरोध के साथ प्रेषित है कि कृपया इस संबंध में समुचित धाराओं में पृथक सूचना रिपोर्ट अंकित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने की कृपा करें।"

Updated on:
03 Jul 2024 01:15 pm
Published on:
03 Jul 2024 01:15 pm