उत्तर प्रदेश से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला मोबाइल में इतनी बीजी थी कि उसका मासूम बेटा चलती ट्रेन से गिर गया और उसे पता नहीं चला।
मां की लापरवाही से मासूम बेटे की जान पर बन आई। नई दिल्ली से पटना जा रही स्पेशल ट्रेन के जनरल कोच में मां मोबाइल देखती रही और उसका सात वर्षीय बेटा चलती ट्रेन से गिर गया। घटना से अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने तत्काल चेन खींचकर ट्रेन को रोका। बच्चे को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे आगरा के निजी अस्पताल में ले गए। बच्चे के सिर में 22 टांके आए हैं।
पुलिस के मुताबिक, उन्नाव के गांव पूरब खेड़ा निवासी शिवशंकर उपाध्याय अपनी पत्नी पूनम, बड़ी बेटी कौशिकी व सात साल के बेटे विनायक के साथ नरौरा स्थित रिश्तेदार के घर आए थे। शनिवार को वह उन्नाव जाने के लिए अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे। मध्याह्न करीब 12 बजे कानपुर जाने के लिए नई दिल्ली से गया जाने वाली स्पेशल ट्रेन (03698) के जनरल कोच में सवार हो गए।
दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन जब हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मितनपुर के पास गुजर रही थी, तभी विनायक बाथरूम की तरफ चला गया। इसी दौरान कोच में अचानक शोरगुल पर पता चला कि विनायक ट्रेन से गिर गया है। यात्रियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रुकवाया। तलाश करने पर बालक करीब एक किमी पीछे ट्रैक किनारे पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस ने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उसे रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन उसको आगरा के एक नर्सिंग होम में उपचार को ले गए। शिवशंकर के अनुसार, जिस वक्त घटना हुई उनकी आंख लग गई थी जबकि पत्नी फोन देख रही थी। विनायक के सिर में 22 टांके आए हैं। उसकी हालत गंभीर है।