हाथरस

Rahul Gandhi: मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से विनती करता हूं…हाथरस में पीड़ितों से मिलकर राहुल गांधी ने क्या कहा?

Rahul Gandhi: यूपी के हाथरस में सत्संग के बाद मची भदगड़ में हुई सैकड़ों मौतों का मामला अब संसद में गूंजेगा। शुक्रवार को हाथरस पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीड़ितों को हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक विनती भी की।

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Jul 05, 2024
Rahul Gandhi: मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से विनती करता हूं...हाथरस में पीड़ितों से मिलकर राहुल गांधी ने क्या कहा?

Rahul Gandhi: हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में मौत का शिकार हुए लोगों के परिवारों से शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा "यह बड़े दुख की बात है। बहुत परिवारों को नुकसान हुआ है। हादसे में काफी लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन की कमी तो है और गलतियां हुई हैं। मुआवजा सही मिलना चाहिए। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से विनती करता हूं कि दिल खोलकर मुआवजा दें…मुआवज़ा जल्दी से जल्दी देना चाहिए…परिवारवालों से मेरी बातचीत हुई है।"

'प्रशासन की कमी तो है और गलतियां हुई हैं': राहुल गांधी

हाथरस में पीड़ितों के बीच पहुंचे राहुल गांधी ने कहा "प्रशासन की कमी तो है और गलतियां हुई हैं। जिसकी गलती है उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दुख की बात है। बहुत परिवारों को नुकसान हुआ है। काफी लोगों की मृत्यु हुई है।" इस दौरान कांग्रेस नेता को अपने पास पाकर पीड़ित परिवारों के बच्चे उनसे लिपट गए। इसपर राहुल गांधी ने उन्हें सांत्वना दी और हर प्रकार से मदद का भरोसा दिलाया।

फरार मुख्य आयोजक पर एक लाख का इनाम

सत्संग के बाद भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में तीसरे दिन पुलि‍स एक्शन में आई। पुल‍िस न दो महिलाओं सहित छह सेवादारों को गिरफ्तार किया है। कुल 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया है।

नारायण साकार को अभी आरोपी नहीं मान रही पुल‍िस

पुलिस अभी सूरजपाल सिंह उर्फ नारायण साकार विश्व हरि (भोले बाबा) को आरोपित नहीं मान रही। जांच में करीब 200 मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर हैं। कुछ नंबरों पर घटना वाले दिन भोले बाबा की बात हुई थी। आयोजन स्थल पर लगे बोर्ड पर 72 आयोजकों के नाम दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश फरार हैं। भीड़ रोकने, धकेलने और साक्ष्य छुपाने का प्रयास करने वाले सेवादारों को भी चिह्नित किया जा रहा है।

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