पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि जवाहर बाग कांड में इंस्पेक्टर से लेकर सीओ तक की हत्या की गई, लखनऊ में हजरतगंज थाने से सीओ को गाड़ी के बोनट से घसीट कर चौराहे तक लाया जाता था, तब कोई पूछने वाला नहीं था।
हाथरस। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं। एसटीएफ में एडीशनल एसपी के तौर पर तैनात राजेश साहनी और कानपुर मेंं एसपी सिटी के तौर पर तैनात आईपीएस सुरेंद्र दास की आत्महत्या के बाद यह विषय बहस का मु्द्दा बन गया कि आखिर उत्तर प्रदेश में ऐसा क्या है जो अधिकारियों को इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है। अधिकारियों की आत्महत्या पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जिले के प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने बड़ा बयान दिया है।
अधिकारियों को काम करने की स्वतंत्रता
प्रदेश में लगातार सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या किए जाने के सवाल पर प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि आत्महत्या का कारण तो वही जान सकता है जो आत्म हत्या करता है। किसके मन में क्या है यह तो कोई जानता नहीं। फिर भी सरकार इन सभी मामलों की जांच करा रही है। अधिकारियों पर दबाव होने के सावल पर मंत्री ने कहा कि किस तरह का दबाव। पहली बार उत्तर प्रदेश में योगी जी के नेतृत्व में अधिकारियों को काम करने की स्वतंत्रता दी गई है।
पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना
पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जवाहर बाग कांड हुआ जिसमें इंस्पेक्टर से लेकर सीओ तक की हत्या हो गई। वहीं लखनऊ में हजरतगंज थाने से सीओ को गाड़ी के बोनट से घसीट कर चौराहे तक लाया जाता था, कोई पूछने वाला नहीं होता था। इस सरकार मेंं ऐसा नहीं है।
लखनऊ हत्या कांड में सरकार पीड़ित के साथ।
लखनऊ में विवेक तिवारी की हत्या के मामले में प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि हम मानते हैं कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिसकर्मी द्वारा चूक हुई है। सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। दोषी सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।