हाथरस जिले में निकाय चुनाव के परिणाम सबके लिए चौंकाने वाले रहे।
हाथरस।हाथरस जिले में निकाय चुनाव के परिणाम सबके लिए चौंकाने वाले रहे। यहां के मतदाताओं ने प्रदेश के आलाकमानों पर भी छाप छोड़ दी है। बसपा की मुखिया मायावती के विश्वसनीय और बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय अपने ही जिले से एक भी अध्यक्ष पद की सीट को बसपा के खाते में दर्ज नहीं करा सके। यहां जिले की 7 नगर पंचायत और 2 नगर पालिकाओं में चुनाव हुआ था, जिसमें से एक भी सीट बसपा के खाते में नहीं जा सकी। यहां तक रामवीर उपाधयाय के अनुज मुक़ल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाधयाय भी हाथरस नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए चुनावी समर में थी, लेकिन वह भी भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा से 5931 मतों से हार गई।
3 निर्दलीय प्रत्याशियों ने मारी बाजी
जिले की 7 नगर पंचायत में से 3 नगर पंचायतों पर निर्दलीय प्रत्याशी, 3 नगर पंचायतों पर भाजपा और एक पर समाजवादी पार्टी का कब्जा काबिज हुआ है। यहां मुरसान नगर पंचायत पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी रजनेश कुशवाह, सासनी में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लालता प्रसाद, सादाबाद में भाजपा प्रत्याशी रवि कांत, हसायन से भाजपा प्रत्याशी वेदवती, सहपऊ से निर्दलीय प्रत्याशी विपिन कुमार, मेण्डु से निर्दलीय मनोहर सिंह आर्य, पुरदिलनगर से नाजिमा बेगम निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वहीं 2 नगर पालिकाओं में से हाथरस नगर पालिका पर भाजपा, तो सिकंदराराऊ नगर पालिका पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है।
जीत से ज्यादा है हार की चर्चा।
हाथरस नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा की जीत से ज्यादा ऋतु उपाधयाय की हार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। यहां अब सभी यही आंकड़े लगने में लगे हुए हैं, कि आखिर किस इलाके से बसपा का वोट कटा, तो किस इलाके में भाजपा को वोट ज्यादा मिला है।
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