स्वास्थ्य

बैक्टीरिया से जंग: AI ने बनाया ऐसा कैथेटर, जो रोकेगा संक्रमण का खतरा!

अमेरिका में चिकित्सकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से एक ऐसा नया कैथेटर विकसित किया है, जो बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने में कारगर साबित हुआ है। यह कैथेटर मूत्र मार्ग में डाले जाने वाले पतले ट्यूब होते हैं, जिनके जरिए शरीर से तरल पदार्थ निकाले जाते हैं। परेशानी तब होती है, जब बैक्टीरिया इन ट्यूबों के जरिए शरीर के अंदर घुसपैठ कर जाते हैं, जिससे मूत्र मार्ग में संक्रमण हो जाता है। अमेरिका में अकेले हर साल इस तरह के संक्रमणों पर 30 करोड़ डॉलर खर्च होते हैं।

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Jan 08, 2024
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100 times less infection, the miraculous catheter technology of AI

अमेरिका में शोधकर्ताओं ने बैक्टीरिया के संक्रमण से बचने के लिए एक नया कैथेटर बनाया है! ये कैथेटर किसी जादू की छड़ी की तरह बैक्टीरिया को रोक सकता है, वो भी एंटीबायोटिक के बगैर!

कैथेटर पतली नलियाँ होती हैं, जिन्हें अस्पतालों में मरीजों के शरीर में विभिन्न तरल पदार्थ निकालने के लिए डाला जाता है। परेशानी ये है कि ये बैक्टीरिया के लिए सुपर हाईवे बन जाते हैं, जो इन नलियों के ज़रिए मरीज के शरीर में घुसपैठ कर देते हैं. सिर्फ अमेरिका में ही हर साल, इस वजह से 30 करोड़ डॉलर का नुकसान होता है!

कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के वैज्ञानिकों ने एक शानदार जुगाड़ निकाला है. उन्होंने कैथेटर के अंदर त्रिकोण के आकार के छोटे-छोटे पंख लगा दिए हैं. ये पंख शार्क के फिन की तरह काम करते हैं. जब बैक्टीरिया इन पंखों के पास से गुजरते हैं, तो ये उन्हें नली के बीच की तरफ धकेल देते हैं, जहां तेज़ रफ्तार का बहाव उन्हें वापस नीचे की ओर ले जाता है. ये पंख एक छोटा बवंडर भी बनाते हैं, जो बैक्टीरिया की रफ्तार और कम कर देता है.

वैज्ञानिकों ने 3D प्रिंटेड कैथेटर और हाई-स्पीड कैमरों की मदद से ये सारी बातें देखीं. नतीजे चौंकाने वाले थे! इन खास कैथेटर ने बैक्टीरिया के ऊपर की ओर जाने की गति को 100 गुना कम कर दिया!

इसके बाद वैज्ञानिकों ने ये पता लगाने के लिए सिमुलेशन किए कि बैक्टीरिया को रोकने के लिए सबसे अच्छा त्रिकोणीय आकार कौन सा होगा. उन्होंने फिर से छोटे नल बनाए, जो असली कैथेटर की तरह थे, और उनमें ये नए त्रिकोण लगाए. फिर उन्होंने देखा कि ई. कोलाई बैक्टीरिया अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे तैरते हैं. असली प्रयोग के नतीजे सिमुलेशन के नतीजों से बिल्कुल मेल खाते थे!

ये कमाल का काम नहीं हुआ होता, अगर वैज्ञानिकों ने न्यूरल ऑपरेटर्स नाम के एक नए तरह के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल न किया होता. इस तकनीक ने कैथेटर के डिजाइन को बनाने में कई दिनों का समय नहीं, बल्कि कुछ मिनट ही लगाए!

न्यूरल ऑपरेटर्स ने त्रिकोणों के आकार में थोड़ा बदलाव करने का सुझाव दिया, जिससे बैक्टीरिया को और भी कम मौका मिले ऊपर की ओर जाने का. ये बदलाव सिमुलेशन में त्रिकोणों की रोकने की शक्ति को और 5% बढ़ा देता है!

ये नया कैथेटर भविष्य में लाखों मरीजों को बैक्टीरिया के संक्रमण से बचा सकता है. ये वाकई में चिकित्सा जगत में एक क्रांतिकारी आविष्कार है!

(आईएएनएस)

Published on:
08 Jan 2024 05:20 pm