5 Serious diseases : रिसर्च कहती है कि कई बीमारियां इतनी खतरनाक है लगभग 80 प्रतिशत मौत का कारण बनती है। यदि समय रहते नहीं पहचान पाते हैं तो ये घातक होती चली जाती है।
5 serious diseases : वर्तमान में भारत में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियां लगभग 80% मौतों का कारण बनती हैं। इसके अलावा, तपेदिक यानी टीबी एक संक्रामक रोग है। खराब आहार और बदलती जीवनशैली के कारण अधिकांश लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
हार्ट डिजीज
भारत में हृदय रोग एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है। यह देश में मृत्यु दर और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। वर्ष 2022 में भारत में हृदयाघात के मामलों में 12.5% की वृद्धि देखी गई। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और गुर्दे की बीमारियों जैसी स्थितियाँ हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, आहार और जीवनशैली में परिवर्तन भी हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
टीबी
भारत में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। हर वर्ष भारत में 2.8 मिलियन टीबी के मामले सामने आते हैं। यह एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। आमतौर पर यह फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को भी संक्रमित कर सकता है। टीबी का संक्रमण हवा के माध्यम से फैलता है, जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है।
डायबिटीज
भारत में डायबिटीज एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 10.1 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, जो कि विश्व में डायबिटीज के मरीजों की सबसे बड़ी संख्या है। आंकड़ों के अनुसार, 18 वर्ष की आयु के बाद लगभग 77 मिलियन लोग टाइप 4 डायबिटीज से ग्रस्त हैं, जबकि लगभग 25 मिलियन लोग प्री-डायबिटिक स्थिति में हैं।
कैंसर
भारत में कैंसर के रोगियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2023 में इस बीमारी से संबंधित लगभग 14 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे अस्वास्थ्यकर आहार, प्रदूषण, धूम्रपान, शराब का सेवन, बैक्टीरिया, वायरस, या जीवनशैली में परिवर्तन। कैंसर असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि और विभाजन के कारण उत्पन्न होता है, जो अक्सर आनुवंशिक परिवर्तन से शुरू होता है।
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डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।