मुरैना

शहर में 500 टन कचरा जमा, लोग गंदगी व बदबू से परेशान, बीमारियों का खतरा

शहर में रोज निकलने वाला सवा सौ टन कचरा चार दिन से सड़कों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर जमा है। निगम के सफाई कर्मचारियों की वजह से यह हालात बने हैं। हड़ताल खत्म नहीं हो पा रही है। हालांकि आयुक्त का दावा है कि उन्होंने शनिवार को दो घंटे चर्चा की लेकिन परिणाम शून्य रहा।

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मिल एरिया रोड मोड़ के पास गंदे पानी में जमा कचरा।

मुरैना. सफाई कर्मचारियों का अमला नगर निगम के पास करीब 700 का है। एक सैकड़ा छोटे-बड़े वाहन भी हैं, लेकिन पूरी सफाई पहले भी नहीं हो पा रही थी। अब तो हड़ताल में चार दिन में 500 टन से ज्यादा कचरा सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर जमा है। कचरे के आसपास बारिश का पानी भर रहा है। इससे कचरा भी पानी में सड़ रहा है और गंदगी के साथ दुर्गंध भी फैला रहा है।
इन स्थानों पर हालात ज्यादा खराब
-एमएस रोड पर नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने और जिला अस्पताल के कॉर्नर पर सबसे बड़ा कचरे का ढेर है। इसमें बॉयोमेडिकल वेस्ट हो शामिल है। यह पशु सड़कों पर फैला रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों के साथ दुकानदार भी परेशान हैं। यहां दिन भर लोगों का आना अस्पताल के कारण लगा रहा है।

- पुराने बस स्टैंड चौराहे से नाला नंबर एक और सिंधी कॉलोनी रोड को जोडऩे वाले हिस्से पर निर्माणाधीन नगर निगम के सेल्फी पाइंट के पीछे कचरे का बड़ा ढेर लगा है। यह कचरा बिखरकर दोनों सड़कों तक पहुंच रहा है। इससे आसपास के दुकानदार और राहगीर परेशान हो रहे हैं।

-मिल एरिया रोड पर दूसरा सबसे बड़ा कचरे का ढेर है। यहां कई नर्सिंग होम्स और पास में ही गल्र्स स्कूल संचालित है। यहां बारिश का गंदा पानी भी जमा है, जिससे कचरा सड़ रहा है और आने-जाने वाले व आसपास के लोग परेशान हैं। एमएस और गल्र्स स्कूल रोड को जोडऩे वाला यह प्रमुख मार्ग है।

-शहर के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से को जोडऩे वाली गणेशपुरा रोड पर नाली को पाटकर कचरे का ढेर जमा हो गया है। नाली का पानी रुककर आसपास भर गया है। जिससे गंदगी के साथ बदबू भी फैल रही है। जबकि पास में माता का मंदिर भी है। इस रोड पर दिन भर में हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लोग परेशान हो रहे हैं।

फैक्ट फाइल
125 टन कचरा रोज निकलने का दावा करता है नगर निगम।
80-90 टन कचरा ही उठ पाता है जब पूरी सफाई होती है।
700 से ज्यादा सफाई कर्मचारी चार दिन से कर रहे हैं अनिश्चित कालीन हड़ताल।
500 टन से ज्यादा कचरा जमा हो चुका है शहर की सड़कों, गली-मोहल्लों में।
25 से अधिक वार्डों पर है सफाई कर्मियों की हड़ताल का व्यापक असर।
02 लाख से अधिक आबादी प्रभावित है हड़ताल में कचरा न उठने से।
एक्सपर्ट व्यू
गंदगी का जमा होना तो किसी भी लिहाज से ठीक है। यह बरसात का मौसम है, इसलिए स्वास्थ्य के लिए ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं। कचरा सड़ेगा और पानी भरेगा तो मच्छर पनपेंगे और मलेरिया सहित अन्य बीमारियां बढ़ेंगी। किसी वाटर बॉडी से इसका कनेक्शन हुआ तो पेयजल भी प्रभावित होगा और इसका असर लोगों के पेट संबंधी स्वास्थ्य पर सीधा पड़ेगा। सार्वजनिक स्थलों पर पड़ा कचरा लोगों को गंदगी और बदबू की वजह से भी परेशान करेगा।
डॉ. आदित्य पंजाबी, एमडी मेडिसिन, मुरैना।

Published on:
19 Sept 2022 05:14 pm
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