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अवसाद में न जाएं छात्र, अब होगी कॉलेजों में नियमित काउंसलिंग

कॉलेजों में होगा डिस्ट्रिक्ट टाक्स फोर्स का गठन, कलेक्टर होंगे चेयरमेंन, कॉलेज का एक प्राध्यापक होगा नोडल, कॉलेज स्तर पर तय होगी काउंसलिंग की रूपरेखा

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मुरैना. कॉलेजों में पढ़ाई के लोढ के चलते अक्सर छात्र-छात्राएं अवसाद में आ जाते हैं और आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैं, इस तरह की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए शासन स्तर से पहल की जा रही है। अब डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है।

जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स सिर्फ शासकीय कॉलेजों में ही कारगर रहेगा। जिले में करीब 11 शासकीय कॉलेज संचालित हैं, इनमें शहर के शासकीय कन्या लीड कॉलेज, विधि कॉलेज, शासकीय पीएमश्री स्नात्तकोत्तर कॉलेज के अलावा जौरा, कैलारस, सबलगढ़, दिमनी, रिठौरा, बानमोर, पोरसा, रजौधा के कॉलेज शामिल रहेंगे। इस कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें कलेक्टर चेयरमेंन रहेंगे, अन्य सदस्य कॉलेज स्तर से भी शामिल रहेंगे।

ये रहेंगे समिति में

कलेक्टर चेयरमेंन, प्रत्येक कॉलेज के प्राचार्य व एक प्राध्यापक नोडल रहेंगे। इसके अलावा मनोचिकित्सक, समाजसेवी, पालक सहित अन्य लोगों को शामिल किया जाएगा।

काउंसलिंग की तय होगी समय सीमा

शासन के निर्देशों पर हर कॉलेज स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी हर एक माह या तीन माह में बैठक होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है। यह कॉलेज स्तर पर ही रूपरेखा तय की जानी हैं। इसके लिए कालेज प्राचार्य अपने स्टाफ के साथ बैठकर चर्चा करेंगे, उसके बाद तय होगा।

कॉलेज स्तर पर बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर विराम लगाने शासन स्तर से जिला टास्क फोर्स गठन के निर्देश आए हैं। इस दिशा में रूपरेखा तैयार की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है।

डा. जी एस उच्चारिया, प्राचार्य, शासकीय कन्या लीड कॉलेज, मुरैना