
MP News: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की आंगनबाड़ी एक महीने में कम से कम 25 दिन नियमित रूप से संचालित हों। यदि इसमें किसी प्रकार की कोताही मिली तो संबंधित सुपरवाइजरों के विरुद्ध नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों से कही।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि आंगनबाडियों में सुबह 9.30 बजे नाश्ता तथा दोपहर 12 बजे तक भोजन बंट जाए, ऐसी व्यवस्था करें। इसके लिए सुपरवाइजर औचक निरीक्षण करें। यदि किसी केंद्र पर भोजन वितरण में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कार्यकर्ता तत्काल सुपरवाइजर को सूचित करें और सुपरवाइजर लिखित रिपोर्ट सीडीपीओ को दें।
आगे कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार संबंधित समूहों में परिवर्तन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाडियों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा टीएचआर वितरण के दौरान एफआरएस पहचान की प्रगति 85 -1 प्रतिशत से कम पाए जाने पर संबंधित सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सेम-मेम, पोषण ट्रैकर, आभा आईडी, अपार आईडी, एचसीएम एवं टीएचआर सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन सुपरवाइजरों की प्रगति कम है, वे अगली बैठक तक उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें।
Published on:
27 Feb 2026 06:59 pm
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