
मुरैना. पोरसा कस्बे में सोमवार की शाम को फायरिंग करने वाले आरोपियों की सिफारिश करने करणी सेना के पदाधिकारी पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस ने उनकी नहीं सुनीं तो मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे करणी सेना के जिलाध्यक्ष विष्णु सिंह तोमर अपने 40-50 समर्थकों के साथ थाने के मुख्य द्वार के सामने सडक़ पर धरना पर बैठ गए। बिना अनुमति नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। उस समय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका के चलते पुलिस ने समझाइश दी।
मौके पर टीआई दिनेश सिंह कुशवाह और तहसीलदार नवीन भारद्वाज पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस का कहना है कि समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी। आरक्षक सीताराम को धक्का देने से वे गिर पड़े और हाथ में चोट आई। वहीं आरक्षक सतीश को भी गिरा दिया गया, जिससे उनके घुटनों में चोट आई। पुलिस ने इसे शासकीय कार्य में बाधा और बलवा की श्रेणी में लेते हुए कार्रवाई की।
थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह कुशवाह के मुताबिक 23 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे गोविंद शर्मा निवासी लालपुरा ने शिकायत की थी कि गोरमी बाईपास रोड पर बंंटू तोमर निवासी मढोखर और उमेश राजावत निवासी मांधाता पुरा ने उनकी लग्जरी कार पर कट्टे से हवाई फायर किया। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद सामने आया। मामले में अपराध क्रमांक 43/26 धारा 296बी, 125, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि इसी कार्रवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से करणी सेना के विष्णु तोमर अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे और आरोपियों के पक्ष में दबाव बनाने की कोशिश की।
थाना पोरसा में एफआईआर क्रमांक 0044/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 126(2), 191(2), 190, 132, 296(बी) एवं 121(1) के तहत प्रकरण कायम किया गया है। नामजद आरोपियों में विष्णु सिंह तोमर, शिव तोमर, शिवकुमार सिंह तोमर, राहुल सिंह सेंगर, टिंकू तोमर, श्रीकृष्ण तोमर, होतम सिंह, राहुल जाटव, अंकुश तोमर, राजीव तोमर सहित अन्य 40- 50 अज्ञात शामिल हैं।
फायरिंग की घटना में विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। बिना अनुमति चक्काजाम करना और पुलिस पर हमला करना गंभीर अपराध है। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यातायात बाधित करना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
25 Feb 2026 11:16 am
Published on:
25 Feb 2026 11:15 am
