2025-2026 की रिसर्च और स्टैनफोर्ड मेडिसिन के अनुसार, अगर आप अपने पेट को सही करना चाहते हैं, तो आपको प्रोबायोटिक्स में कुछ बदलाव लाने होंगे। यहां ऐसे 6 सुपरफूड्स हैं जिनमें दही से भी अधिक और शक्तिशाली प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं।
Gut Health: क्या आप जानते हैं कि भारत के लगभग 70% लोग पेट की किसी न किसी समस्या से लड़ रहे हैं? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड डाइट ने हमारे पेट के बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ दिया है। जब भी गट हेल्थ की बात आती है, तो दिमाग में सबसे पहले दही आता है। लेकिन विज्ञान कहता है कि केवल दही काफी नहीं है।
प्रोबायोटिक्स वे जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं जिन्हें आमतौर पर फ्रेंडली बैक्टीरिया कहा जाता है। जब ये सही मात्रा में खाए जाते हैं, तो ये स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। ये मानव माइक्रोबायोम के मुख्य नियामक होते हैं, जो पाचन तंत्र में रहने वाले ट्रिलियन्स माइक्रोब्स का एक जटिल पारिस्थितिकी तंत्र है। प्रोबायोटिक्स का सेवन जरूरी है ताकि हानिकारक बैक्टीरिया से मुकाबला किया जा सके।
कैसे खाएं: केफिर को स्मूदी में मिलाएं या सीधे एक गिलास जूस की तरह पिएं। यह सुबह खाली पेट सबसे ज्यादा असरदार है।
कैसे खाएं: दोपहर के खाने से पहले एक छोटा गिलास कांजी पिएं। यह ड्रिंक पाचन को तुरंत बूस्ट करती है।
कैसे खाएं: आप इसका सेवन सैंडविच या सलाद के साथ कर सकते हैं।
कैसे खाएं: इसे चावल या नूडल्स के साथ साइड डिश के रूप में खाएं।
कैसे खाएं: इसे गर्म चावल के साथ मिलाकर खाएं। इसमें थोड़ा सोया सॉस भी मिला सकते हैं।
कैसे खाएं: इसे हेल्दी कोल्ड ड्रिंक समझकर पिएं। ध्यान रखें कि इसमें शुगर की मात्रा कम होनी चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।