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Dal Khane Ke Fayde: महंगे प्रोटीन पाउडर को भूल जाओगे! दादी-नानी का ये देसी नुस्खा है असली ताकत का खजाना

Dal Khane Ke Fayde: प्रोटीन पाउडर के दौर में दाल क्यों है असली सुपरफूड? जानिए हर दाल के फायदे, दादी-नानी की समझ और एक्सपर्ट्स की राय।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 10, 2026

Dal Khane Ke Fayde

Dal Khane Ke Fayde (Photo- gemini ai)

Dal Khane Ke Fayde: आज सेहत का मतलब प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट और महंगे डाइट प्लान बन गया है, जबकि हमारी दादी-नानी बिना किसी न्यूट्रिशन किताब के पीढ़ियों को स्वस्थ रखती थीं। उनकी रसोई में दाल स्वाद के लिए नहीं, शरीर की जरूरत देखकर पकाई जाती थी। उनकी चुनी जाती थी, कभी बीमारी से उबारने के लिए, तो कभी शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाने के लिए। आज दलहन दिवस पर सवाल उठता है कि क्या हमारी थाली से दाल का गायब होना, सेहत से समझदारी का गायब होना है?

दादी कहती थीं हर दाल का अपना काम

मूंग दाल: बीमारी के बाद दी जाती थी, क्योंकि यह हल्की और जल्दी पचने वाली होती है।

अरहर (तुअर) दाल: रोजमर्रा की थकान दूर करने और ताकत बनाए रखने के लिए।

चना दाल: बच्चों और किशोरों के लिए ताकत का स्रोत।

मसूर दाल: खून की कमी में फायदेमंद मानी जाती थी।

उड़द दाल: सर्दी-जोड़ों के दर्द में शरीर को गर्मी और मजबूती देती थी।

अध्ययनों ने भी मानी दादी की बात

यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन के अनुसार नियमित दाल-दलहन खाने वालों की डाइट में फाइबर, आयरन, फोलेट और विटामिन ई अधिक होता है। 2025 में न्यूट्रिशन इम्पैक्ट के अध्ययन में सामने आया कि रोज दाल खाने से फाइबर सेवन 10 फीसदी से अधिक बढ़ा और खराब कोलेस्ट्रॉल में करीब 10 फीसदी कमी आई।

क्या है एक्सपर्ट व्यू

इस पर फूड एंड कल्चरल रिसर्चर दीपाली खंडेलवाल का कहना है कि दाल हमारे भोजन की थाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हमेशा से रही है, बदलते समय में इसका स्वरूप बदल गया है। बात करें मिठाइयों की या फिर स्ट्रीट फूड की, उनमें भी किसी न किसी रूप में हम दाल का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि पारंपरिक रूप से थाली में इसका उपभोग पहले की तुलना में कम हुआ है। हम अपने फूड वॉक के ज़रिए लोगों को पारंपरिक भोजन से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।