Aankh Mein Chemical Gir Jaye To Kya Kare: आंखों में हार्पिक, फिनायल या कोई भी केमिकल गिरना एक गंभीर स्थिति है। क्या आप जानते हैं कि ऐसे समय में रोशनी बचाने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए? अगर नहीं, तो आज का यह लेख आपके काम आ सकता है। आइए जानते हैं।
Eye Injury First Aid in Hindi: आंखें शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक मानी जाती हैं, इसलिए इनमें थोड़ी भी दुर्घटना होने पर हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जाने का डर रहता है। इसीलिए विशेषज्ञ आंखों से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही न बरतने की सलाह देते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में कुछ ऐसी चीजें आंखों में चली जाती हैं, जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते। ऐसे ही सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला के फिनायल की बोतल खोलते समय उसकी आंख में फिनायल चला जाता है।
आंखों में फिनायल या किसी भी तरह का केमिकल गिरना एक बहुत बड़ी इमरजेंसी है। ऐसी स्थिति में एक-एक सेकंड कीमती होता है। अगर सही समय पर सही कदम न उठाए जाएं, तो हमेशा के लिए रोशनी जाने का खतरा रहता है। इसलिए आज के इस लेख में डॉक्टर द्वारा बताए गए कुछ आसान स्टेप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप किसी के भी आंखों की रोशनी बचा सकते हैं।
इंस्टाग्राम चैनल thegymratmedico पर Dr. Bhavya Thareja ने इस वीडियो को साझा करते हुए बताया है कि जैसे ही आंख में कुछ गिरे, एक मिनट भी बर्बाद न करें। किसी दवाई को ढूंढने या डॉक्टर को फोन करने से पहले मरीज की आंखों को साफ पानी या नल के पानी से धोना शुरू कर देना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी की धार हल्की और लगातार हो। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित आंख को धोते समय वह पानी दूसरी यानी स्वस्थ आंख के संपर्क में न आए।
ऐसे समय में दर्द या जलन की वजह से अक्सर लोग अपनी आंखें जोर से बंद कर लेते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल न होने दें। अपनी उंगलियों की मदद से पलकों को धीरे से खोलकर रखें ताकि पानी सीधे आंख के अंदर जा सके। मरीज को समझाएं कि वह आंखों को सिकोड़े नहीं, बल्कि उन्हें खुला रखने की कोशिश करे। कम से कम 15 से 30 मिनट तक लगातार पानी डालते रहना जरूरी है। साथ ही, मरीज को यह निर्देश दें कि वह पानी की धार के बीच अपनी आंखों की पुतलियों को ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं घुमाता रहे। ऐसा करने से आंख के हर कोने और पलकों के नीचे छिपा केमिकल पूरी तरह से बाहर निकल जाएगा।
अगर मरीज ने कॉन्टैक्ट लेंस पहने हैं और वे आसानी से निकल रहे हैं, तो उन्हें तुरंत निकाल दें।
आंख को बिल्कुल भी न रगड़ें। इसके साथ ही, अपनी मर्जी से कोई आई ड्रॉप, मरहम, दूध, घी या कोई भी घरेलू नुस्खा न आजमाएं। एसिड या केमिकल के असर को काटने (Neutralize) के लिए किसी दूसरी चीज का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है, इसलिए सिर्फ पानी का ही उपयोग करें।
शुरुआती प्राथमिक उपचार के बाद सीधे नजदीकी अस्पताल या आंखों के डॉक्टर (Ophthalmologist) के पास जाएं। भले ही जलन कम हो गई हो या मरीज को बेहतर महसूस हो रहा हो, फिर भी डॉक्टर से चेकअप करवाना बहुत जरूरी है क्योंकि केमिकल से होने वाले अंदरूनी नुकसान का पता अक्सर बाद में चलता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।