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सावधान! आंखों से निकलने वाला सफेद धागा कोई कीचड़ नहीं, एक बीमारी है! जितना साफ करोगे, ये उतना बढ़ेगा, जानिए क्यों!

Aankh se dhaga nikalna: क्या आपकी आंखों से भी बार-बार सफेद धागे जैसा कीचड़ निकलता है और आप इसे खींचकर साफ करते रहते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप अनजाने में ही अपनी आंखों को और भी बीमार कर रहे हैं। जिसे आप सफाई समझ रहे हैं, वह असल में एक समस्या को बढ़ाना है। आज के इस लेख में आइए जानते हैं इस स्थिति के पीछे का असली कारण और इसे रोकने के सही तरीके।

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Mucus Fishing Syndrome

Mucus Fishing Syndrome | image credit gemini

Mucus Fishing Syndrome: गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज धूप, यूवी किरणें और धूल के कारण आंखों में सूखापन (Dry Eyes), जलन, लालिमा, एलर्जी (Conjunctivitis), और खुजली जैसी समस्याएं होना आम हैं। इन सब के अलावा आंखों में एक और समस्या होती है जिसे म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम (Mucus Fishing Syndrome) कहते हैं।

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी आंखों से बार-बार चिपचिपे बलगम (Mucus) के धागे खींचता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में लोग आंखों से धागा निकलना कहते हैं। ऐसे में अगर आपकी आंखों से भी बार-बार धागे जैसा चिपचिपा कीचड़ निकलता है और आप उसे उंगलियों या ईयरबड से खींचकर निकालते रहते हैं, तो संभल जाइए। आप अपनी आंखों की मदद नहीं कर रहे, बल्कि बीमारी को और बढ़ा रहे हैं। आज के इस लेख में आइए जानते हैं कि म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम हो जाने पर क्या करना चाहिए।

म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम क्या है? (What is Mucus Fishing Syndrome?)


आंखों से तार जैसा कीचड़ निकलने की इस आदत को मेडिकल भाषा में म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम कहते हैं। इसमें इंसान को बार-बार महसूस होता है कि उसकी आंख में कुछ फंसा है। जब आप इस धागे जैसे म्यूकस को बाहर खींचते हैं, तो इसे फिशिंग कहते हैं। ऐसा करने से आंख की नाजुक सतह (Conjunctiva) छिल जाती है। इससे आंख में और ज्यादा जलन होती है और बचाव के लिए आंख पहले से भी ज्यादा म्यूकस बनाने लगती है।

म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम कैसे होता है? (Common Triggers)


म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम की समस्या अक्सर तब शुरू होती है जब आपकी आंखों में पहले से कोई दिक्कत हो, जैसे कि आंखों का सूखापन (Dry Eyes), आंख आना (Conjunctivitis) या कोई एलर्जी। जब आंख में खुजली या इरिटेशन होती है, तो म्यूकस जमा होने लगता है। आप उसे साफ करने के चक्कर में बार-बार आंख को छूते हैं और यहीं से यह एक कभी न खत्म होने वाला चक्र (cycle) बन जाता है।

म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम को बढ़ने से कैसे रोकें? (How to Stop it?)


म्यूकस फिशिंग सिंड्रोम का सबसे बड़ा इलाज यही है कि आप अपनी आंखों को छूना बंद करें। आप जितना ज्यादा म्यूकस को बाहर खींचेंगे, आंख उतना ही ज्यादा इसे बनाएगी। अगर आप इसे नजरअंदाज करेंगे, तो धीरे-धीरे आंख खुद को हील (Heal) करना शुरू कर देगी। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें ताकि आंखों में सूखापन न रहे और बार-बार हाथ आंखों तक न जाए।

डॉक्टर को कब दिखाएं? (When to See a Doctor?)


अगर आपकी आंखें बहुत ज्यादा लाल रहती हैं, धुंधला दिखाई देने लगा है या दर्द बढ़ रहा है, तो तुरंत किसी आई स्पेशलिस्ट (Ophthalmologist) को दिखाएं। जांच करने के बाद डॉक्टर आपको कुछ ऐसी दवाइयां दे सकते हैं जिससे म्यूकस बनना कम हो जाए और आपकी आंखों की सूजन ठीक हो सके।

याद रखिए, आंखें बहुत नाजुक होती हैं इसलिए इनका घर पर अपनी मर्जी से कोई घरेलू नुस्खा या इलाज करना नुकसानदेह हो सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।