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conjunctivitis infection: बारिश के दौरान बढ़ी आखों की बीमारी, ऐसे करें बचाव

कंजक्टिवाइटिस का संक्रमण बढ़ा: गांधी स्मारक अस्पताल में हर दिन आधा सैकड़ा से अधिक मरीज आ रहे, चिकित्सकों ने तेज धूप व उमस को बताया जिम्मेदार

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किसान बेफिक्र रहें, फसल के लिए मिलेगा पर्याप्त पानी

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रीवा। मौसमी बीमारियां जोर पकड़ रही हैं। बरसात के मौसम सें तेज धूप और उमस बीमारियों की प्रमुख वजह बन रही है। इस मौसम का सबसे अधिक असर आंखों पर भी देखा जा रहा है। मेडिकल काॅलेज के गांधी स्मारक अस्पताल में हर दिन 50 से अधिक मरीज आंखों के संक्रमण की वजह से पहुंच रहे हैं। इससे कई गुना अधिक लोग चिकित्सकों के क्लीनिक और प्राइवेट अस्पतालों पर पहुंच रहे हैं, साथ ही घरों पर भी आराम ले रहे हैं। आंखों के इस संक्रमण को विंध्य में लोग आंख आना या फिर आंख उठना कहते हैं। जबकि चिकित्सीय भाषा में इसे कंजक्टिवाइटिस कहा जाता है। यह वायरस जनित संक्रामक रोग है। इसमें प्रमुख रूप से आंखों का लाल होना, जलन, खुजली और आंख से लगातार आंसू निकलना, पलकें आपस में चिपक जाना, पलक में सूजन होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।


इंफेक्शन बढ़ा सकते हैं समस्या
चिकित्सकों का कहना है कि कंजक्टिवाइटिस होने का कारण बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन भी हो सकता हैं। दोनों के लक्षण में थोड़ी भिन्नता भी हैं। यदि आंखों में सूजन और लालिमा ज्यादा हैं, तो इसे बैक्टीरियल इंफेक्शन माना जाता है। वहीं वायरल इंफेक्शन अपने आप सप्ताह भर में ठीक हो जाता है। कई बार इसका इंफेक्शन ज्यादा गंभीर होने पर कॉर्निया को भी डैमेज कर सकता हैं। यही कारण हैं कि ऐसे इंफेक्शन के इलाज में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कई बार आंखों को साफ नहीं करने या फिर गलत दवाओं की वजह से भी इंफेक्शन हो जाता है। रीवा में गत वर्षों में इसके पहले कई ऐसे मरीज मिल चुके हैं, जिनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई थी।

इसी मौसम में संक्रमण अधिक फैलता

आमतौर पर मौसम में नमी और उमस भरी गर्मी से कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ती है। इस बार हर साल से कुछ ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। बीते कई दिनों रीवा एवं आसपास के जिलों में बारिश नहीं होने की वजह से मौसम में उमस बढ़ गई है। यही कारण है कि सतना, सिंगरौली, सीधी, शहडोल से भी मरीज रीवा में उपचार के लिए आ रहे हैं। बच्चों पर इसका संक्रमण अधिक तेजी से बढ़ रहा है। क्योंकि ये खुद का केयर नहीं कर पाते।

संक्रमण फैलने से ऐसे रोकें

डाॅक्टर से संपर्क कब करें

हर दिन औसत 50 से अधिक मरीज

कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जीएमएच में हर दिन औसत 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं। सामान्य तौर पर यह घर पर ही सावधानी रखने पर ठीक भी हो जाता लेकिन कई बार संक्रमण बढ़ता है तो आंखों पर विपरीत असर होता है। इसलिए कोई दवा डालने से पहले नेत्र चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए।

डॉ. चारुदत्त चालीसगांवकर, नेत्र रोग विशेषज्ञ(एसएस मेडिकल कालेज)