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MP हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, अफसरों ने यहां छिपकर बचाई जान

MP News: तालाब से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। हालात बेकाबू होने पर अफसर पंचायत भवन में छिप गए। रीवा-सीधी हाईवे जाम कर दिया गया, जिससे यातायात ठप रहा।

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रीवा

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Akash Dewani

Feb 24, 2026

stone pelting on encroachment removing team Rewa-Sidhi highway blocked mp news

stone pelting on encroachment removing team in rewa (फोटो- Patrika.com)

MP News: मध्य प्रदेश के रीवा जिला के गुढ़ क्षेत्र के पुरास गांव में तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब कुछ महिलाओं और स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और डंडे लेकर अधिकारियों को खदेड़ने लगे।

ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए नायब तहसीलदार महिमा पाठक सहित अन्य अधिकारियों को पंचायत भवन में शरण लेकर खुद को सुरक्षित करना पड़ा। पुलिस बल कम होने के कारण हालात बिगड़े। बाद में 2 अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर स्थिति नियंत्रित की जा सकी, लेकिन 2 कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ीं।

तालाब पर सालोँ से है 14 लोगों का कब्जा

पुरास गांव के तालाब की मेढ़ पर वर्षों से 14 लोगों ने कब्जा जमा रखा है। प्रशासन द्वारा पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन हर बार सामूहिक विरोध के कारण कार्रवाई अधूरी रह गई। इस बीच मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से तालाब की शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दिए गए। न्यायालय के आदेश के पालन में प्रशासनिक अमला राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचा था।

कार्रवाई से पहले अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और उनसे सहमति लेने का भी प्रयास किया था। कुछ लोग शुरुआत में विरोध दर्ज करा रहे थे लेकिन बाद में कब्जा हटाने को तैयार हो गए थे। जब अधिकारियों की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसकी वजह से तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।

विस्थापन की मांग पर अड़े ग्रामीण

प्रदर्शन करने वाले लगातार मांग उठा रहे थे कि उन पर कार्रवाई से पहले विस्थापन की व्यवस्था की जाए। प्रशासन किसी दूसरी जगह पर उन्हें मकान बनाने के लिए स्थान दे और मकान निर्माण में भी मदद करे, इसके बाद वे कब्जा हटाने को तैयार हैं। अधिकारियों ने कोर्ट के निर्देश का हवाला दिया लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं थे। कुछ ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।

यात्रियों को हुई परेशानी

अतिक्रमणकारियों के समर्थन में ग्रामीणों ने रीवा-सीधी नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर बांस की बल्लियां लगाकर महिलाएं, बच्चे और पुरुष बैठ गए, जिससे दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में एंबुलेंस और यात्री बसें भी फंसी रहीं। सीधी की ओर से रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों की ट्रेन छूटने की जानकारी सामने आई है।

महिलाएं भी डंडे लेकर दौड़ पड़ीं

अतिक्रमणकारियों से जुड़ी कुछ महिलाएं डंडे लेकर शुरुआत से ही हमलावर थीं। पहले नायब तहसीलदार महिमा पाठक, पुरास हल्का पटवारी चंद्रदेव पांडेय सहित अन्य अधिकारी समझाइश देने का प्रयास कर रहे थे लेकिन उनकी बातों को सुनने के बजाए शुरुआत से ही वह कार्रवाई का विरोध करने पर उतारू थे। जैसे ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई पत्थरबाजी शुरू कर दी गई और गाली-गलौज करते हुए अधिकारियों को दौड़ा लिया। तालाब की मेढ़ पर ही पंचायत भवन में पहुंचकर अधिकारियों ने खुद को बंद कर लिया। मौके पर पुलिस बल था लेकिन संख्या पर्याप्त नहीं होने से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में समय लग गया।

फिलहाल रोकी गई कार्रवाई - एसडीएम

सरकारी भूमि से बेदखली का आदेश है, जिसमें 14 लोगों का अतिक्रमण हटाना है। कार्रवाई के लिए टीम पहुंची थी तो वहां लोगों ने व्यवधान उत्पन्न किया और जाम लगाया। कुछ महिलाएं टीम की ओर दौड़ी थीं। फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई है। मामले की रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई होगी। - सुधाकर सिंह, एसडीएम, गुढ़ (MP News)