19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुरवाटी के लाल का कमाल: आंखों की रोशनी नहीं, फिर भी बने RAS अधिकारी…ब्लाइंड कैटेगरी में राजस्थान में टॉप-10 में शामिल

RAS Success Story: आरएएस मुख्य परीक्षा 2024 का परिणाम जारी होते ही झुंझुनूं जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। विभिन्न कस्बों और गांवों के कई युवाओं ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

5 min read
Google source verification
RAS Success Story

उत्कर्ष मित्तल और उनके परिवार के लोग (फोटो- पत्रिका)

RAS Success Story Jhunjhunu: उदयपुरवाटी: जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद कस्बे के उत्कर्ष मित्तल ने अपनी मेहनत और अटूट लगन के बल पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा की ब्लाइंड कैटेगरी में प्रदेशभर में 10वीं रैंक हासिल कर कस्बे का नाम रोशन किया है। साक्षात्कार के दौरान उत्कर्ष से ब्लाइंड क्रिकेट से जुड़ा सवाल पूछा गया।

जब उन्होंने बताना शुरू किया तो बोर्ड ने कहा कि वे इस विषय में अनभिज्ञ हैं और उन्हें एक अनाड़ी की तरह समझाया जाए। इस पर उत्कर्ष ने सरल भाषा में ब्लाइंड क्रिकेट की पूरी जानकारी देकर अपने आत्मविश्वास और समझ का परिचय दिया।

उत्कर्ष का कहना है कि चयन के बावजूद उनका लक्ष्य एसडीएम बनना है। इस बार ब्लाइंड कैटेगरी में एसडीएम के पद नहीं थे। लेकिन वे अगले प्रयास में इस लक्ष्य को हासिल करने का पूरा प्रयास करेंगे।

परिवार का सहयोग

उत्कर्ष के पिता रमाकांत मित्तल गांव में किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि माता ममता मित्तल गृहिणी हैं। उत्कर्ष ने बताया कि पढ़ाई के लिए घर से दूर जयपुर में रहना बड़ी चुनौती थी, लेकिन परिवार के सहयोग से हर कठिनाई पार कर ली। उत्कर्ष ने यह उपलब्धि अपने दूसरे प्रयास में हासिल की।

पहले प्रयास में वह ग्रेजुएशन के साथ परीक्षा में शामिल हुआ था, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने से सफलता नहीं मिल सकी। इस बार उसने 2219वीं समग्र रैंक और दृष्टिहीन श्रेणी में 10वीं रैंक प्राप्त की। उत्कर्ष ने अपनी सफलता का श्रेय चाचा लेखाधिकारी नवीन शर्मा और जयपुर निवासी गुरु ओमप्रकाश निर्वाण को दिया।

उन्होंने बताया कि परिवार खासकर दादा-दादी, माता-पिता और भाई के सहयोग ने हर मुश्किल आसान कर दी। उत्कर्ष की सफलता पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों और गणमान्य लोगों ने माला पहनाकर अभिनंदन किया।

इस मौके पर दादी सजना मित्तल, पिता रमाकांत मित्तल, माता ममता मित्तल पूर्व भाजयूमो अध्यक्ष नितेश सैनी, ललित सोनी, मुकेश वर्मा, राजेश नेमीवाल, अरविंद स्वामी, योगेश मित्तल, निकुंज मित्तल, उज्ज्वल पुरोहित, परमानंद सोनी, सुशील हरलालका सहित कई लोग मौजूद रहे।

दादा का सपना किया साकार, आंचल ने पाई 90वीं रैंक

जब अपनों का साथ और खुद पर विश्वास हो तो हर सपना हकीकत बन जाता है। झुंझुनूं शहर की बेटी आंचल रूंगटा ने यह साबित करते हुए आरएएस परीक्षा में 90वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार का सपना साकार किया है।

आंचल ने बताया कि उनके दादा चंडी प्रसाद रूंगटा का सपना था कि परिवार का कोई सदस्य प्रशासनिक सेवा में जाए। इसी सपने को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत की। पिछले तीन वर्षों से वे यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं।
इसी दौरान आरएएस की भर्ती निकली तो उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया। आंचल का यह आरएएस में दूसरा प्रयास था।

खास बात यह रही कि इस बार उन्होंने पहली ही बार में मेंस और इंटरव्यू दोनों चरण सफलतापूर्वक पार कर लिए।
आंचल की सफलता में उनके पिता रविकांत रूंगटा, माता अनिता रूंगटा सहित पूरे परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिता ने हमेशा उन्हें दादा के सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। भाई रजत रूंगटा पारिवारिक कपड़ा व्यवसाय संभाल रहे हैं।

कम समय में की प्रभावी तैयारी

आंचल ने बताया कि मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए समय कम था, ऐसे में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रणनीति बनाई। साक्षात्कार के दौरान उससे राजनीति, सामाजिक कुरीतियों और ड्रग्स तस्करी जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए।

चिड़ावा की कृष्णा शर्मा के 498वीं रैंक

बुहाना हाल सूरजगढ़ मोड़ चिड़ावा निवासी कृष्णा शर्मा पुत्री राजेश शर्मा ने आरएएस-2024 में 498वीं रैंक हासिल कर नाम रोशन किया। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने परिवारजनों, दादा बहादुर मल शर्मा और शिक्षकों को दिया।

परिणाम आने के बाद अभ्यर्थी कृष्णा का सूरजगढ़ मोड़ पर अभिनंदन किया गया। इस मौके पर राजेश कुमार शर्मा, गौतम, अशोक भार्गव, मौजूद रहे। प्रमोद कुमार, आनंद कुमार, आशीष कुमार, रमेश जांगिड़ आदि मौजूद रहे।

कुतुबपुरा का सौरभ फिर से आरएएस में सफल

चिड़ावा क्षेत्र के कुतुबपुरा निवासी सौरभ जांगिड़ पुत्र गोपीचंद जांगिड़ ने लगातार दूसरी बार आरएएस परीक्षा में सफलता हासिल की। उसने आरएएस-2024 परीक्षा में 196वीं रैंक प्राप्त की। सौरभ जांगिड़ आरएएस-2023 के प्रथम प्रयास में सफल होने पर अजमेर स्थित तहसीलदार प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले रहा हैं।

इससे पहले सौरभ कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा बाद में समाज कल्याण विभाग में अकाउंटेंट पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उसकी यह उपलब्धि उसके निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

सौरभ जांगिड़ की इस सफलता में उनकी माता मंजू जांगिड़ का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढाया। सौरभ की सफलता पर परिवारजन दादी अंची देवी, नंदलाल जांगिड़, दयानंद जांगिड़, क्षण धर्मपाल जांगिड़, ओमप्रकाश जांगिड़, देवीलाल जांगिड़, प्रधानाध्यापक श्रीराम, मूलचंद जांगिड़, राजस्थान शिक्षण संस्थान की चेयरपर्सन नीतिका थालौर, सचिव संजय थालौर तथा निदेशक श्रीराम थालौर ने खुशी जताई।

दूसरे प्रयास में चमकी पायल, आरएएस में 323वीं रैंक

पिलानी कस्बे की गणेश कॉलोनी निवासी पायल जांगिड़ ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में 323वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने उनके संघर्ष और आत्मविश्वास को साबित कर दिया। पायल इससे पहले वर्ष 2023 की परीक्षा में लिखित चरण उत्तीर्ण कर चुकी थीं, लेकिन साक्षात्कार में सफलता नहीं मिल सकी।

इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते हुए इस बार शानदार सफलता हासिल की। पायल, विनोद कुमार जांगिड़ की पुत्री तथा जयसिंह जांगिड़ व मणि देवी की पौती है। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। पायल ने अपनी स्कूली शिक्षा कस्बे के निजी स्कूल से प्राप्त की।

उनका मानना है कि जीवन में आने वाली परेशानियों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करने से ही सफलता मिलती है। पायल की उपलब्धि पर सत्यवीर जांगीड़ के नेतृत्व में हर्षवर्धन सिंह शेखावत, हरिकिशन अंजनेश जांगिड़ सहित ने मिठाई बांट कर खुशी मनाई।

नौकरी के साथ तैयारी, संजू गोदारा ने आरएएस में पाई सफलता

मेहनत और लगन कभी बेकार नहीं जाती, इसे सच कर दिखाया है अलसीसर पचायत समिति के चन्दवा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत संजू गोदारा ने। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा-2024 के परिणाम में उन्होंने 397वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है।

बिदासर गांव निवासी संजू गोदारा ने पिछली परीक्षा में 634वीं रैंक प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से काम किया और इस बार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। संजू के पिता किसान हैं, जो मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करते है, जबकि माता गृहिणी है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उन्हें हर कदम पर सहयोग दिया।

ग्राम विकास अधिकारी के रूप में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन संजू ने समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत के दम पर इस चुनौती को पार कर सफलता हासिल की।