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आंखों की अच्छी रोशनी के लिए खाएं पीले फल और हरी सब्जियां

आंखों की छोटी समस्या भी कई बार गंभीर रूप ले लेती है, जिसके कारण नेत्रज्योति तक चली जाती है। रोग की समय पर पहचान से अंधेपन को रोका जा सकता है। इस ओर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है।

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आंखों की अच्छी रोशनी के लिए खाएं पीले फल और हरी सब्जियां

आंखों की अच्छी रोशनी के लिए खाएं पीले फल और हरी सब्जियां

मोतियाबिंद-डायबिटीज से आंखों को खतरा

अंधेपन की प्रमुख वजहों में मोतियाबिंद पहला कारण है। इसमें लैंस का आकार बढऩे से आंखों में अचानक दबाव बढ़ता है, जिससे दृष्टि जा सकती है। समय पर इलाज से अंधेपन को रोका जा सकता है। इसके अलावा लंबे समय से डायबिटीज के कारण भी दृष्टि को नुकसान हो सकता है। रक्त शर्करा के अनियंत्रित होने से आंखों के पर्दे को नुकसान हो सकता है। पर्दे में सूजन आने लगी है तो समय पर इलाज करवाकर अंधेपन को रोका जा सकता है, लेकिन आंख पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सकती है।

ग्लोकोमा से जा सकती है आंखों की दृष्टि
ग्लोकोमा (आम भाषा में ग्लूकोमा) दुनियाभर में दृष्टिविहीनता का दूसरा प्रमुख कारण है। इस समस्या में आंखों पर दबाव बढऩे लगता है, जिस वजह से आंखों की रोशनी जा सकती है। इसी तरह ‘ऐज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन’ (एआरएमडी) भी आंखों को नुकसान पहुंचाता है। यह दो तरह का होता है। इससे आंखों की रोशनी प्रभावित होती है।

आंखों के लिए 20-20-20 नियम का करें पालन
1- डायबिटीज के मरीजों को एक-दो साल से आंखों की नियमित जांच करवानी चाहिए।
2- यदि परिवार में किसी को ग्लोकोमा रहा है तो अन्य सदस्य सतर्क रहें। 40 वर्ष बाद से दो-तीन साल में एक बार आंखों की जांच अवश्य करवाएं। समय पर सर्जरी और दवा से दृष्टिहीनता से रोका जा सकता है।
3- मोतियाबिंद से रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगे तो तुरंत इलाज करवाएं।
4- इन दिनों स्क्रीन टाइम बढऩे से बच्चों में भी ड्राई आइज की समस्या होने लगी है। ऐसे में स्क्रीन से 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए नजर हटाकर 20 फुट दूर देखें।
5- खानपान में पीले रंग के फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग अधिक करें।

डॉ. तन्मय काबरा
नेत्र रोग विशेषज्ञ, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर