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राजस्थान में 1 मई से शुरू होगी जनगणना, क्या आपकी सरकारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी? जानें क्या बोले निदेशक

राजस्थान में जनगणना कल यानी 1 मई से शुरू होगी। जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने अपील की है कि लोग बिना डर सही जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी की सुविधाएं छीनी जाएंगी और न ही डेटा कहीं साझा होगा।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 30 Apr 2026, 9:25 AM IST

Census 2027

जनगणना (फोटो-एआई)

Census Rajasthan 2027: जयपुर: राजस्थान में जनगणना-2027 की शुक्रवार को शुरुआत होगी। एक से 15 मई तक स्वगणना के तहत लोग स्वयं पोर्टल पर जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे। प्रगणक दी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे।

जनगणना को लेकर लोगों में भ्रांतियां व्याप्त है। इसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने राज्य के जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक से बात की। मल्लिक ने कहा कि लोग बेहिचक होकर जानकारी दें, यह जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है।

संकलित संपूर्ण डेटा ही जारी होता है। व्यक्ति विशेष या परिवार विशेष की जानकारी किसी व्यक्ति या एजेंसी से साझा नहीं की जाती।

ये जानकारी की जाएगी एकत्र

प्रथम चरणः मकान सूचीकरण और मकानों की गणना, जो अभी की जा रही है।

ये जानकारीः मकान की स्थिति, परिवार विवरण, पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना पकाने के लिए उपयोग होने वाला ईंधन, इंटरनेट आदि जैसी सुविधाओं की उपलब्धता।

परिवार द्वारा स्वामित्व वाली संपतियां जैसे रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन आदि।

द्वितीय चरणः जनसंख्या की गणना, जो फरवरी-2027 में होगी।

परिवार में सदस्यों की संख्या तथा उनका नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, जाति, धर्म, शिक्षा, भाषा, विकलांगता, प्रवासन, व्यवसाय और विवाहित महिलाओं के लिए प्रजनन संबंधी विवरण।

'डेटा तक किसी की पहुंच नहीं'

सवाल: कहीं कल्याणकारी योजना का लाभ तो नहीं छिन जाएगा?
संकलित डेटा का योजना या नीतियां बनाने, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, संसाधनों के आवंटन, व्यावसायिक योजनाओं के लिए किया जाता है। व्यक्ति विशेष या परिवार विशेष के डेटा तक किसी की पहुंच नहीं है।

सवाल: कोई गलत जानकारी दे तो क्या होगा?
गलत जानकारी देने या जानकारी नहीं देने पर कार्रवाई हो सकती है। वैधानिक तौर पर और राष्ट्र के विकास के लिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि जनगणना के लिए जानकारी अवश्य दें और सही दें। जनगणना कर्मचारी को घर में प्रवेश से भी कोई रोक नहीं सकता।

सवाल: ओटीपी से साइबर अपराध तो नहीं होगा?
स्वगणना में तो ओटीपी किसी को बताना नहीं है। प्रगणक भी मोबाइल नंबर ही मांगेगा। स्वगणना हो चुकी है तो एसई आईडी लिया जाएगा।

सवाल: प्रगणक की जगह कोई अन्य तो घर नहीं आ जाएगा?
स्थानीय स्कूल शिक्षक होगा, जिनकी प्रगणक का आईडी कार्ड देखें और क्यूआर कोड स्कैन कर पूरी जानकारी प्राप्त करें। वैसे भी प्रगणक पहचान मुश्किल नहीं होगी।