
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पत्रिका फाइल फोटो
Airport Water Management System: जयपुर इंटरनेशल एयरपोर्ट ने जल संरक्षण और भूजल दोहन को लेकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जयपुर एयरपोर्ट राजस्थान के पहले 'वॉटर पॉजिटिविटी' एयरपोर्ट बनने का सम्मान हासिल किया है। वहीं उत्तर भारत में दिल्ली के आइजीआइ हवाई अड्डे के बाद ऐसा दूसरा एयरपोर्ट बन गया है। जिसमे भूजल दोहन से ज्यादा भूजल रिचार्ज करने में सफलता पाई है। जयपुर एयरपोर्ट को यह सर्टिफिकेशन, वैश्विक कंसल्टिंग फर्म 'ब्यूरो वेरिटास' ने एयरपोर्ट स्थित जल प्रबंधन सिस्टम की समीक्षा के बाद दिया है।
'वॉटर-पॉजिटिविटी' तकनीक में जल उपभोग और रिसाइकल से पानी के उपयोग के बाद उसे भूजल रिचार्ज में काम लिया जाता है। यह तकनीक स्वच्छ जल के उपयोग को बेहतर कार्यक्षमता, रिसाइकल कर दोबारा इस्तेमाल और भूजल रिचार्ज करने में संतुलित करती है। वॉटर-पॉजिटिव सुविधा पानी का इस्तेमाल करने वाली जगह से ज्यादा पानी देने वाली जगह बन जाती है।
मिली जानकारी के मुताबिक जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अप्रेल 2025 से मार्च 2026 के बीच, एक वर्ष के दौरान 103.39 एमएलडी पानी उपभोग हुआ, वहीं जबकि रिचार्ज पिट और दोबारा इस्तेमाल किए गए पानी के जरिए 137.09 एमएलडी पानी बचाया। यानि एयरपोर्ट ने जितना पानी इस्तेमाल किया, उससे ज्यादा पानी भूजल रिचार्ज में काम में लिया। इस तरह जयपुर एयरपोर्ट दिल्ली के IGI हवाई अड्डे के बाद भूजल संरक्षण करने वाला दूसरा एयरपोर्ट बन गया है।
एयरपोर्ट प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार बीते कुछ वर्षों में एयरपोर्ट ने पानी के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बारिश के पानी को जमा करने और भूजल रिचार्ज के लिए एयरपोर्ट ने 18 गहरे एक्विफर रिचार्ज गड्ढे बनाए हैं। जिनसे वेस्ट वाटर को जमीन के अंदर पहुंचाया जाता है।
अधिकारियों ने जयपुर एयरपोर्ट को मिली उपलब्धि के पीछे 3 तकनीकी कारण बताए हैं। जिसके जरिए एयरपोर्ट परिसर क्षेत्र के भूजल स्तर में उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी भी दर्ज हुई है।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट कर उसका बागवानी और लैंडस्केपिंग के लिए दोबारा उपयोग किया जाता है। जयपुर एयरपोर्ट पर पानी का इस्तेमाल कम करने के लिए, सेंसर-आधारित, रेट्रोफिट टैप सिस्टम लगाए हैं और बिना पानी वाले यूरिनल बनाने का काम चल रहा है। परिसर में पानी के सटीक उपभोग की डिजिटल वॉटर फ्लो मीटर से निगरानी की जा रही है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजस्थान का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। वित्त वर्ष 2024-25 में यहां 60 लाख से अधिक पैसेंजर्स की आवाजाही रही, वहीं एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 120 उड़ानों का संचालन होता है। 776 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट आधुनिक तकनीक से जुड़ा हुआ है। वहीं मई 2025 में एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) से लेवल-3 मान्यता भी प्राप्त हुई है।
Published on:
30 Apr 2026 10:30 am
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