30 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर के 5 स्टेशनों के रेल नेटवर्क की बदलेगी सूरत, छोटे स्टेशन भी बनेंगे बड़े टर्मिनल

Jaipur Railway Network Upgrade: राजधानी जयपुर में बढ़ते यात्री भार के दबाव को देखते हुए रेलवे अब सिंगल जंक्शन मॉडल से मल्टी-स्टेशन नेटवर्क की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए रेलवे ने आगामी वर्षों का विजन प्लान तैयार किया है।

2 min read
Google source verification
खातीपुरा टर्मिनल स्टेशन, इनसेट में स्टेशन पर चल रहे कार्य, पत्रिका फोटो

खातीपुरा टर्मिनल स्टेशन, इनसेट में स्टेशन पर चल रहे कार्य, पत्रिका फोटो

Jaipur Railway Network Upgrade: राजधानी जयपुर में बढ़ते यात्री भार के दबाव को देखते हुए रेलवे अब सिंगल जंक्शन मॉडल से मल्टी-स्टेशन नेटवर्क की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए रेलवे ने आगामी वर्षों का विजन प्लान तैयार किया है। अगले दो से तीन वर्षों में स्टेशनों की पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता, कोच मेंटेनेंस और यात्री सुविधाएं मौजूदा स्तर से दो से पांच गुना तक बढ़ाई जाएंगी। योजना में केवल जयपुर जंक्शन, गांधीनगर के साथ खातीपुरा, ढेहर के बालाजी और भट्टों की गली जैसे छोटे स्टेशनों को भी शामिल किया गया है।

भट्टों की गली स्टेशन बनेगा मेगा कोचिंग टर्मिनल

जयपुर-सीकर रेलमार्ग पर स्थित भट्टों की गली स्टेशन को लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पिट लाइन, वॉशिंग लाइन, स्टेबलिंग लाइन और कोच मेंटेनेंस के लिए सिक लाइनें तैयार होंगी। इससे ट्रेनों का मेंटेनेंस यहीं संभव होगा और जयपुर-सीकर रेललाइन का नेटवर्क भी मजबूत होगा।

खातीपुरा: सैटेलाइट से टर्मिनल स्टेशन

205 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश का पहला सैटेलाइट स्टेशन खातीपुरा अब टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित हो रहा है। काम प्रगति पर है। इसे जंक्शन की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। यहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के मेंटेनेंस की सुविधा भी बनाई जा रही है, ताकि ट्रेनों को जंक्शन पर न भेजना पड़े और संचालन सीधे यहीं से हो सके।

जयपुर जंक्शन, गांधीनगर स्टेशन बन रहे वर्ल्ड क्लास

जयपुर जंक्शन और गांधीनगर स्टेशन को लगभग 1,000 करोड़ रुपए की लागत से वर्ल्ड क्लास बनाया जा रहा है। इससे यात्री सुविधाओं में पांच गुना तक इजाफा होगा। गांधीनगर स्टेशन लगभग तैयार है, जबकि जयपुर जंक्शन का काम करीब 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

कनकपुरा स्टेशन विस्तार योजना

जयपुर-अजमेर रेलमार्ग पर स्थित कनकपुरा स्टेशन के विस्तार की भी तैयारी है। इसके लिए बाधा बने कंटेनर डिपो को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

ढेहर के बालाजी और सांगानेर स्टेशन

ढेहर के बालाजी स्टेशन पर सेकेंड एंट्री विकसित की जा रही है, जिसमें बुकिंग कार्यालय, पार्किंग और वेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। वहीं, सांगानेर स्टेशन को लगभग 107 करोड़ रुपए की लागत से हेरिटेज से अत्याधुनिक स्टेशन में बदला जा रहा है। संभावना है कि ये दोनों प्रोजेक्ट अगले दो वर्षों में पूरे हो जाएंगे।

रेलवे प्रवक्ता से बोले…

उपनगरीय स्टेशनों को टर्मिनल के रूप में विकसित करने पर काम चल रहा है। यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ ही मेंटेनेंस पर भी विशेष फोकस है। ऐसे इंतज़ाम किए जा रहे हैं कि इन स्टेशनों से ही ट्रेनों का संचालन हो सके और उन्हें मेंटेनेंस के लिए अन्य स्टेशनों पर न जाना पड़े। अगले दो से तीन वर्षों में ये सुविधाएं पूरी तरह विकसित हो जाएंगी और वर्तमान की तुलना में पैसेंजर लोड क्षमता दो से पांच गुना तक बढ़ जाएगी।
-अमित सुदर्शन, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे