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राजस्थान सरकार ने भूखंड आवंटियों को दी बड़ी राहत, 2027 तक बढ़ाई डेडलाइन

New Order Issued: नगरीय विकास विभाग के आदेश के अनुसार, जिन भू-खंडों पर समय सीमा में निर्माण नहीं हो पाया, उन्हें अतिरिक्त समय देते हुए राहत दी गई है।

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फाइल फोटो: पत्रिका

Construction Deadline Extended To 2027: राजस्थान सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भू-खंड आवंटियों को राहत देते हुए निर्माण की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब ऐसे आवंटी 31 मार्च, 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कर सकेंगे। इस अवधि तक भू-खंडों का निरस्तीकरण नहीं किया जाएगा और आवंटी पुनर्ग्रहण (री-एंट्री) शुल्क जमा कर अपने भूखंड निरस्तीकरण से बचा सकेंगे।

नगरीय विकास विभाग के आदेश के अनुसार, जिन भू-खंडों पर समय सीमा में निर्माण नहीं हो पाया, उन्हें अतिरिक्त समय देते हुए राहत दी गई है। इसके लिए पुनर्ग्रहण राशि की गणना निर्धारित तिथि तक की जाएगी और शुल्क जमा कराने पर आवंटन नियमित माना जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत पूर्व में जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुरूप लागू होगी। साथ ही पहले से निपटाए गए मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा और जमा राशि वापस नहीं मिलेगी। राजस्थान में बड़ी संख्या में ऐसे भू-खंडधारी हैं, जिन पर निर्माण नहीं होने के कारण निरस्तीकरण की कार्रवाई लंबित थी।

नई सीएम जन आवास योजना में होंगे बदलाव

राजस्थान सरकार की नई सीएम जन आवास योजना में गरीबों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। अब सरकारी भूमि पर निर्माण के लिए निविदा जारी की जाएगी, और सबसे कम लागत का प्रस्ताव देने वाले बिल्डर को काम सौंपा जाएगा। इससे निर्माण लागत कम होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

बिल्डरों को छूट मिल सकती है, लेकिन निगरानी सख्त होगी। सभी आवास और आवंटन का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा, और लॉटरी अब संबंधित निकाय स्तर पर निकाली जाएगी।

ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के मकान 500 मीटर के दायरे में मूलभूत सुविधाओं के पास होंगे। यदि बिल्डर अपने प्रोजेक्ट में भू-खंड नहीं दे पाता, तो उसे स्थानीय निकाय से जरूरतमंदों के लिए भू-खंड खरीदने होंगे।