स्वास्थ्य

अच्छी नींद में मददगार है एक्यूप्रेशर, तनाव भी घटता

अच्छी नींद हर किसी को जरूरी है लेकिन कई बार तनाव और हार्मोन संबंधी कारणों से अनिद्रा हो सकती है। अनिद्रा में ब्रीदिंग और अरोमा थैरेपी के साथ एक्यूप्रेशर भी फायदेमंद है।
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Updated: 11 Apr 2023, 5:12 PM IST
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नींद के लिए जरूरी प्रेशर पॉइंट्स

एनमियां पॉइंट

क्वालिटी स्लीप और इंसोमनिया के लिए एनमियां पॉइंट को दबाते हैं। इसको नियमित दबाने से अच्छी नींद के साथ सपने भी अच्छे आते हैं। एनमियां पॉइंट गर्दन के ठीक पीछे की तरफ होता है। इस प्रेशर पॉइंट को धीरे-धीरे हल्के हाथों से सहलाने से नींद आ सकती है। इसे 10 मिनट तक सहलाना चाहिए।

योंग क्वान

ये प्रेशर पॉइंट पैर के तलवे के बीचों-बीच और अंगुलियों में होता है। इसे गशिंग स्प्रिंग के रूप में भी जाना जाता है। ये शरीर के तनाव को कम कर सकता है और नींद को बढ़ाता है। इसको हल्के हाथों से 10 मिनट तक दबाएं। महिलाओं को चाहिए कि प्रेग्नेंसी के दौरान इस तरह के प्रयोग न करें। समस्या हो सकती है।

शेनमेन

शेनमेन एक्यूप्रेशर पॉइंट अनिद्रा को कम करने के लिए माना जाता है। इससे नींद की गुणवत्त्ता में भी वृद्धि हो सकती है। ये पॉइंट कलाई पर स्थित होते हैं, जिसे दबाने से आराम मिल सकता है। इस पॉइंट को दूसरे हाथ के अंगुठे से दबाना चाहिए। इसको दबाने से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होता है।

यिनतांग

ये प्रेशर पॉइंट नाक और दोनों भौंहों के बीच में स्थित है। ये एक्यूपॉइंट बेचैनी, चिंता और अनिद्रा को कम करने में मदद करता है। अंगुली से इस पॉइंट पर दबाव डाला जाता है। यह सिंप्थेटिक नर्वस सिस्टम को आराम देता है। इससे सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है। 5 मिनट तक हल्के हाथों से दबाएं।

इन बातों का ध्यान रखें

नींद की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक्यूप्रेशर का सहारा लिया जा सकता है। लेकिन शुरुआती अवस्था में किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही प्रयोग करें। खाने के 30 मिनट पहले या बाद में ही प्रेशर पॉइंट्स दबाने चाहिए। दबाव इतना ज्यादा नहीं होना चाहिए कि वहां निशान पड़ जाए। सहने योग्य ही दबाव दें। कोशिश करें कि दबाव देते समय पूरा ध्यान उसी बिंदु पर होना चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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