
धूप में कदम रखते ही अचानक छींकें आने की समस्या को 'फोटिक स्नीज़ रिफ्लेक्स' कहा जाता है, जो ऑप्टिक और ट्राइजेमिनल नर्व के आपस में सिग्नल क्रॉस होने के कारण होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Sun Allergy Cause: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप कमरे के अंधेरे से निकलकर अचानक तेज धूप में आए हों, और तुरंत छींकों का सिलसिला शुरू हो गया हो? अगर धूप में कदम रखते ही आपको एक या दो बार नहीं बल्कि लगातार कई छींकें आ जाती हैं, तो आप सोच में पड़ जाते होंगे कि आखिर सूरज की रोशनी और छींक का क्या कनेक्शन है? क्या आपको सूरज से कोई एलर्जी है? आइए समझते हैं कि इस प्रक्रिया के पीछे आखिर विज्ञान क्या कहता है।
हार्वर्ड हेल्थ (Harvard Health) के अनुसार, सबसे पहले तो यह गलतफहमी दूर कर लीजिए कि यह सूरज की धूप से होने वाली कोई एलर्जी (Sun allergy) है। असल में, यह एक जेनेटिक यानी अनुवांशिक स्थिति है। मेडिकल साइंस की भाषा में इस अजीबोगरीब प्रतिक्रिया को ऑटोजोमल कंपेलिंग हेलियो-ऑप्थल्मिक आउटब्रेक (ACHOO) सिंड्रोम कहा जाता है। इसे फोटिक स्नीज रिफ्लेक्स (Photic Sneeze Reflex) भी कहा जाता है। दुनिया भर में करीब 10 से 35 प्रतिशत लोगों को यह अजीब समस्या होती है, जिसमें अचानक तेज रोशनी आंखों पर पड़ने पर नाक में गुदगुदी होने लगती है और छींक आ जाती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के पीछे हमारे शरीर का नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) काम करता है। इसे इस तरह समझें;
नहीं, हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक, फोटिक स्नीज़ रिफ्लेक्स पूरी तरह से एक सामान्य और जन्मजात (Genetic) विशेषता है। यह कोई बीमारी या संक्रमण नहीं है। अगर माता-पिता में से किसी एक को यह समस्या है, तो बच्चों में भी इसके होने की संभावना करीब 50 प्रतिशत तक होती है। इससे सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
यह शरीर की एक प्राकृतिक नर्वस प्रतिक्रिया है, इसलिए इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। फिर भी, अगर आपको तेज धूप में निकलते वक्त लगातार छींकें आती हैं, तो आप इन आसान उपायों से बचाव कर सकते हैं;
धूप में जाते ही छींक आना ज्यादातर मामलों में शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है, जिसे फोटिक स्नीज़ रिफ्लेक्स कहा जाता है। हालांकि, यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन बार-बार ऐसा होने पर परेशानी हो सकती है। ऐसे में तेज धूप में निकलते समय सनग्लासेस पहनना और आंखों को सीधी रोशनी से बचाना मददगार हो सकता है। अगर छींक के साथ नाक बहने, खुजली या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
31 Oct 2026, 10:23 AM IST
Published on:
31 Oct 2026, 10:23 AM IST
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