
कोरोना वैक्सीन लगवाने के कम से कम आठ सप्ताह (2 माह) बाद ही प्रेग्नेंसी प्लान करें। इससे पहले प्रेग्नेंसी होने पर कुछ समस्याएं हो सकती हैं। कुछ वैक्सीन के साइड इफेक्ट प्रेग्नेंसी के दौरान भ्रूण पर पड़ते हंै। ऐसे में कोरोना वैक्सीन का साइड इफेक्ट पता नहीं है। इसलिए बचाव करने की सलाह दी जा रही है।
गर्भपात या भ्रूण को हो सकता है नुकसान
कुछ वैक्सीन जैसे रुबेला आदि से न केवल असमय गर्भपात का खतरा रहता है बल्कि बच्चे में जन्म के बाद सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद ही एंटीबॉडीज बनने की संभावना होती है। एंटीबॉडीज 14 दिन के बाद ही बनती है।
महिला-पुरुष दोनों ध्यान रखें
प्रेग्नेंसी की प्लानिंग का ध्यान केवल महिला को ही नहीं रखना है बल्कि ऐसे पुरुष जिन्होंने हाल ही वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई है वे भी दो माह तक इस बात का ध्यान रखें। आइवीएफ आदि से भी बचें।
यह दूसरे डोज के बाद से गिनें
देश में दो खुराक वाली कोरोना वैक्सीन लग रही है। ऐसे में दो माह के अंतर की गणना दूसरी डोज लगवाने के बाद से ही करें।