स्वास्थ्य

जनता के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी कोरोना वैक्सीन, जानें कितना और करना होगा इंतजार

-अमरीकी कंपनी फाइज़र चार अलग-अलग दवाओं पर काम कर रही है, ट्रंप ने कहा कि आम जनता के लिए निशुल्क उपलब्ध होगी वैक्सीन-डब्ल्यूएचओ ने कहा कि आठ वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल जारी, दुनियाभर में विकास के विभिन्न चरणों से गुजर रहीं 110 वैक्सीन
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Updated: 17 May 2020, 4:59 PM IST
कोरोना वैक्सीन- अब डेढ़ साल में नहीं 5 महीने में आ जाएगी वैक्सीन, अमरीकी कंपनी का दावा
कोरोना वैक्सीन- अब डेढ़ साल में नहीं 5 महीने में आ जाएगी वैक्सीन, अमरीकी कंपनी का दावा

दुनिया का हर देश आज नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। एक ओर जहां इस महामारी का सामना कर चुके हैं वे अब दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं वहीं जिन देशों में कोरोना अब तक नहीं पहुंचा था वहां भी अब संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कोरोना वायरस से दुनिया भर में 3,13,498 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 47,36,104 लोग संक्रमित हैं। इस बीच अमरीकी फार्मास्यूटिकल कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि वह कोराना वैक्सीन बनाने में कामयाब हो गई है और आशा है कि अक्टूबर तक वह बाजार में कोरोना वैक्सीन लॉन्च कर देगी। इस बीच कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनी ने कोरोना वैक्सीन के इंसानों पर संभावित वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।

इसके लिए सितंबर में हज़ारों अमरीकियों पर वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। फाइज़र के सीईओ और चेयरमैन अलबर्ट बॉर्ला का कहना है कि अगर सबकुछ उम्मीदों के मुताबिक हुआ तो वे अक्टूबर तक वैक्सीन की लाखों खुराक की सप्लाई शुरू कर देंगे। बीएनटी162 नाम के वैक्सीन की पहली डोज़ का इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल 5 मार्च को जर्मनी में किया गया था। इतना ही नहीं वर्तमान में कंपनी 4 अलग-अलग किस्म की वैक्सीन पर काम कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि जून या जुलाई तक ये साफ हो जाएगा कि कौन सी वैक्सीन सबसे ज्यादा सुरक्षित और कारगर है। गौरतलब है कि दुनिया के अलग अलग देशों में बहुत सारी दवा कंपनियों के बीच वैक्सीन बनाने को लेकर होड़ मची हुई है।

110 वैक्सीन पर चल रहा काम
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में इस वक्त 110 कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है। अमरीकी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक एक से डेढ़ साल में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो सकती है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सरकार कोविड 19 का वैक्सीन तैयार होने पर इसे जनता को निशुल्क मुहैया कराने पर विचार करेगी। कोरोना वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वायरस से छुटकारा पाने के लिए कुल आठ वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है। वहीं चीन के स्वास्थ्य अधिकारी झांग वेनहोंग ने भी कहा है कि 2021 के मार्च में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए वैक्सीन बना ली जाएगी।

वायरस को खत्म कर देगी एंटीबॉडी
इसी क्रम में अमरीका की सोरेंटो थेराप्यूटिक्स कंपनी ने भी यह दावा किया है कि उसने कोविड-19 का इलाज ढूंढ निकाला है। कैलिफोर्निया की इस कंपनी का कहना है कि उसने 'एसटीआई-1499' नाम की एंटीबॉडी तैयार की है, जो कोरोना वायरस को खत्म कर देती है। कंपनी को पेट्री डिश एक्सपेरिमेंट से पता चला है कि 'एसटीआई-1499' एंटीबॉडी कोरोना वायरस को इंसानों की कोशिकाओं में कोरोना के संक्रमण को फैलने से 100 फीसदी रोकने में सक्षम है।

हाल ही आए शोध के नतीजों से पता चला कि कंपनी के एंटीबॉडी 'एसटीआई-1499' बहुत कम एंटीबॉडी खुराक पर ही कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरह से बेअसर कर दिया। शुरुआती बायो केमिकल और बायो फिजिकल विश्लेषण भी संकेत देते हैं कि 'एसटीआई-1499' एक संभावित मजबूत एंटीबॉडी दवा है। कंपनी का कहना है कि वह एक महीने के भीतर एंटीबॉडी के लगभग 2 लाख डोज तैयार कर सकती है। इसकी मंजूरी के लिए कंपनी ने अमरीका के फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए की अनुमति लेनी होगी।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
17 May 2020, 4:59 PM IST
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