Beed Women Hysterectomy: महाराष्ट्र के बीड जिले की ये कहानी सुनकर रूह कांप जाती है। यहां गन्ने के खेतों में काम करने वाली हजारों महिलाओं ने सिर्फ इसलिए अपना गर्भाशय (कोख) निकलवा दिया ताकि काम से छुट्टी न लेनी पड़े। उनके लिए पीरियड्स का मतलब था दिहाड़ी का नुकसान और ठेकेदार का जुर्माना।
Beed Women Hysterectomy: हम जब चाय या मिठाई का मजा लेते हैं, तो कभी नहीं सोचते कि इसे बनाने के पीछे कितनी बड़ी कुर्बानी दी गई है। महाराष्ट्र के बीड जिले से एक ऐसी खबर वायरल हो रही है जो हमें शर्मिंदा कर देती है। यहां की गरीब महिलाओं के लिए मां बनना या हर महीने पीरियड्स से गुजरना किसी सजा जैसा बन गया। भूख मिटाने के लिए इन औरतों ने जो रास्ता चुना, वह किसी खौफनाक फिल्म से कम नहीं है।
दरअसल ये मामला 2019-2020 का है जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र का बीड जिला मजदूरी के लिए जाना जाता है। यहां से हजारों परिवार हर साल गन्ने की कटाई के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं। इन मजदूरों को कोयता कहा जाता है। ठेकेदार (मुकादम) पति-पत्नी को एक साथ काम पर रखता है। मुसीबत तब शुरू होती है जब महिलाओं को पीरियड्स आते हैं। खेतों में न तो शौचालय (टॉयलेट) होते हैं और न ही आराम करने की जगह। ऊपर से ठेकेदारों का नियम ऐसा कि अगर एक दिन भी काम पर नहीं आए, तो 500 से 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। गरीब मजदूर के लिए यह रकम बहुत बड़ी होती है।
20-25 साल की लड़कियों ने भी ऑपरेशन कराकर अपनी कोख निकलवा दी ताकि वे बिना रुके मशीन की तरह काम कर सकें। ठेकेदार उन महिलाओं को काम पर रखने में कतराते थे जिन्हें पीरियड्स आते थे। उनके लिए औरत सिर्फ एक काम करने वाली मशीन बन कर रह गई। खेतों में धूल और गंदगी के बीच पीरियड्स में काम करना बहुत मुश्किल होता था, जिससे इन्फेक्शन का डर रहता था। इसी डर और गरीबी ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
डॉक्टर शैलजा अग्रवाल ( स्त्री रोग विशेषज्ञ) के अनुसार, गर्भाशय पेल्विक एरिया के अन्य अंगों (जैसे मूत्राशय और मलाशय) को सहारा देता है। इसके हटने से कभी-कभी अन्य अंग अपनी जगह से खिसक सकते हैं।सर्जरी के बाद कुछ महिलाओं को पेशाब रोकने में समस्या या बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो सकती है। कब्ज या पेट फूलने जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं की हड्डियों और दिल की सुरक्षा करता है।
गर्भाशय हटने के बाद हार्मोन की कमी से हड्डियां कमजोर और खोखली होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। यदि सर्जरी के दौरान गर्भाशय के साथ-साथ अंडाशय भी निकाल दिए जाते हैं, तो शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिर जाता है। इससे महिला को समय से पहले मेनोपॉज के लक्षणों का सामना करना पड़ता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।