
बार-बार पेशाब आना और मूत्राशय में दर्द, ब्लैडर पेन सिंड्रोम का संकेत हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Bladder Pain Syndrome Symptoms: क्या आपको दिन में कई बार या अचानक बड़ी तेजी से पेशाब भागना पड़ता है? या ब्लैडर के हिस्से में आपको लगातार दर्द या भारीपन महसूस होता है? बहुत से लोग इसे आम यूरिन इंफेक्शन समझकर एंटीबायोटिक दवाएं खाने लगते हैं। लेकिन अगर यह समस्या पुरानी हो चुकी है और दवाइयों से आराम नहीं मिल रहा है, तो इसको सामन्य समझकर टालें नहीं।
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) और अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन (AUA) के मुताबिक, यह समस्या ब्लैडर पेन सिंड्रोम (Bladder Pain Syndrome - BPS) या इंटरस्टिशियल सिस्टाइटिस (Interstitial Cystitis - IC) हो सकती है।
हमारे शरीर में नाभि के नीचे एक थैली होती है जिसे मूत्राशय या ब्लैडर कहते हैं, जहां पेशाब जमा होता है। आम तौर पर जब यह थैली भर जाती है, तो दिमाग को सिग्नल मिलता है और हम बिना किसी दर्द के पेशाब कर आते हैं। लेकिन ब्लैडर पेन सिंड्रोम (BPS) की स्थिति में दिमाग और ब्लैडर के बीच का यह तालमेल बिगड़ जाता है। ब्लैडर में सूजन या संवेदनशीलता आ जाती है। इसके कारण थैली में थोड़ा सा भी पेशाब जमा होते ही बहुत तेज दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होने लगता है और मरीज को बार-बार टॉयलेट भागना पड़ता है।
अच्छी बात यह है कि ब्लैडर पेन सिंड्रोम (BPS) जानलेवा नहीं है। लेकिन यह बीमारी मरीज के जीने की इच्छा और दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर देती है। इस बीमारी से पीड़ित लोग न तो चैन से सो पाते हैं (क्योंकि रात में भी बार-बार उठना पड़ता है) और न ही कहीं बाहर यात्रा कर पाते हैं। लंबे समय तक इस दर्द और परेशानी को झेलने के कारण कई मरीज गंभीर मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन (अवसाद) का शिकार हो जाते हैं। इसलिए भले ही यह जानलेवा न हो, लेकिन इंसान की मानसिक और शारीरिक शांति के लिए यह बेहद कष्टदायक होती है।
NCBI के अनुसार, इसके लक्षण हर व्यक्ति में कम या ज्यादा हो सकते हैं। सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
20 Jun 2026, 11:33 AM IST
Published on:
20 Jun 2026, 11:33 AM IST
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