
मच्छर भगाने वाले लिक्विड लगाते हुए बच्ची को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Mosquito Repellent Liquid Poisoning in Children: घर में मच्छरों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले लिक्विड वेपराइजर ज्यादातर परिवारों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही आम दिखने वाला उत्पाद छोटे बच्चों के लिए नुकसानदायक बन सकता है?
हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली में 19 महीने के एक बच्चे ने घर में रखा मच्छर भगाने वाला लिक्विड पी लिया। इसके बाद बच्चे को गंभीर फेफड़ों की चोट, निमोनिया, शॉक और मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन जैसी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। कई सप्ताह तक ICU में इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार आया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घर में मौजूद कुछ रासायनिक उत्पाद बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं।
NCBI Bookshelf में प्रकाशित Hydrocarbon Toxicity से जुड़ी रिसर्च के अनुसार, पेट्रोलियम आधारित या हाइड्रोकार्बन युक्त तरल पदार्थ गलती से निगलने पर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि यह पदार्थ सांस की नली में चला जाए, तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।
MedlinePlus के अनुसार कई लिक्विड रिपेलेंट उत्पादों में ऐसे रसायन और सॉल्वेंट्स मौजूद होते हैं जो बच्चों द्वारा निगल लिए जाने पर शरीर में विषाक्त प्रभाव पैदा कर सकते हैं। NCBI की रिपोर्ट बताती है कि सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब यह तरल पदार्थ फेफड़ों तक पहुंच जाता है। इससे फेफड़ों में सूजन, केमिकल निमोनिया और सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है।
अगर बच्चा गलती से मच्छर भगाने वाला लिक्विड पी ले, तो कुछ समय बाद ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
NCBI की रिसर्च के अनुसार कुछ हाइड्रोकार्बन उत्पादों की बहुत कम मात्रा भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों में। यही कारण है कि डॉक्टर ऐसे मामलों में तत्काल मेडिकल जांच की सलाह देते हैं, भले ही शुरुआत में बच्चा सामान्य दिखाई दे रहा हो।
MedlinePlus और American Academy of Pediatrics (HealthyChildren.org) के अनुसार माता-पिता को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
HealthyChildren.org के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चे अपने आसपास की चीजों को छूकर और मुंह में डालकर समझने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से घरेलू रसायनों, दवाओं और सफाई उत्पादों से जुड़ी दुर्घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा इसी आयु वर्ग में होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
20 Jun 2026 12:28 pm
Published on:
20 Jun 2026 11:54 am
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