स्वास्थ्य

Vegan Diet: वीगन डाइट फॉलो करने से होने वाले फायदे और नुकसान

Vegan Diet: अगर वीगन डाइट पर रहने वाले व्यक्ति द्वारा इसे सही तरीके से अपनाया जाए तो सेहत संबंधी कई लाभ मिल सकते हैं। अगर पौष्टिक तथा पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है, तो लंबे समय से जारी कई बीमारियों से आराम पाने में मदद मिल सकती है।

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Benefits and Risks of Veganism

नई दिल्ली। Vegan Diet: हाल ही के कुछ वर्षों से वीगन डाइट का काफी चलन है। बहुत से लोगों द्वारा वीगन डाइट फॉलो की जाने लगी है। वीगन डाइट को फॉलो करने वाले व्यक्ति द्वारा पशुओं से प्राप्त कोई भी उत्पाद जैसे मांस, अंडा, शहद, डेयरी उत्पादों आदि का सेवन नहीं किया जाता है। आजकल दुनिया भर में लोगों द्वारा पशु कल्याण, अपनी सेहत, वजन घटाने के लिए आदि कारणों से वीगनिज्म को फॉलो किया जा रहा है। लेकिन वीगन डाइट को फॉलो करने वाले व्यक्ति को पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए अपने आहार के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता होती है। क्योंकि वीगन डाइट या प्लांट-बेस्ड डायट के दौरान कई विटामिनों और खनिजों से युक्त पशु-आधारित खाद्य पदार्थों को नहीं खाया जाता है। तो आइए जानते हैं वीगन डाइट से होने वाले फायदे और सेहत संबंधी नुकसानों के बारे में...

वीगन डाइट के फायदे-
अगर वीगन डाइट पर रहने वाले व्यक्ति द्वारा इसे सही तरीके से अपनाया जाए तो सेहत संबंधी कई लाभ मिल सकते हैं। अगर पौष्टिक तथा पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है, तो लंबे समय से जारी कई बीमारियों से आराम पाने में मदद मिल सकती है।

वीगन डाइट के द्वारा वजन घटाने में भी आसानी होती है। वैसे देखा जाए तो आमतौर पर बहुत से लोगों द्वारा वीगन डाइट फॉलो करने के पीछे का कारण वजन घटाना होता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर इस डाइट द्वारा ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भी सहायता मिलती है।

वीगन आहार अपनाने से यह कैंसर के जोखिम को कम करने के साथ ही आपके हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होता है। शरीर में टाइप-टू डायबिटीज के जोखिम को कम करने तथा गठिया के मरीजों के लिए बिगन आहार को अपनाया जा सकता है। इसके अलावा, इस प्लांट बेस्ड डायट द्वारा शरीर में किसी प्रकार की इन्फ्लेमेशन यानी सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है।

वीगन डाइट के नुकसान-
• मसल लॉस का कारण
पशुओं से प्राप्त उत्पादों को इस डाइट में शामिल नहीं किया जाता है जिस कारण से उच्च जैविक प्रोटीन या पशु आधारित प्रोटीन की पूर्ति नहीं हो पाती है। यह प्रोटीन हमारी मांसपेशियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसलिए वीगन डाइट पर रहते हुए प्रोटीन की पूर्ति के लिए अपने आहार की मात्रा और गुणवत्ता पर ठीक से ध्यान ना देना मसल लॉस का कारण बन सकता है।

• पोषक तत्वों की कमी
बहुत से ऐसे पोषक तत्व हैं, जो मांसाहार तथा डेयरी उत्पादों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, वीगन डाइट के दौरान खाए जाने वाले प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थों में इन पोषक तत्वों की सही से पूर्ति नहीं हो पाती है। वीगन डाइट अपनाने वाले व्यक्ति में विटामिन डी, कैल्शियम, प्रोटीन, ओमेगा-3 आदि पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

• स्वास्थ्य समस्याएं
वीगन डाइट फॉलो करने वाला व्यक्ति बिल्कुल भी पशु आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करता है। साथ ही वीगन डाइट में पोषक तत्वों की कमी पूर्ति के लिए सप्लीमेंट सप्लीमेंट्स का सेवन भी नहीं किया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप कई विटामिनों और खनिजों की कमी होने से आपको कमजोरी तथा एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचने के साथ ही वज़न से जुड़े डिसॉर्डर्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।

Updated on:
06 Dec 2021 11:03 am
Published on:
06 Dec 2021 11:01 am