
नई दिल्ली। Edible Flowers Benefits: हम अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। इसमें अच्छा और संतुलित आहार एक बहुत ही अहम भूमिका निभाता है। हम फल, सब्जियों, सूखे मेवों आदि से मिलने वाले पोषक तत्वों से तो वाकिफ हैं ही। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फूल जिनका उपयोग हम अपने घर को सजाने, तोहफे में देने, पूजा आदि में करते हैं उन्हें खाया भी जा सकता है। देखने में सुंदर और महक से भरे हुए फूल केवल आंखों और नाक के लिए कि नहीं बने हुए हैं। बल्कि फूलों को भोजन और सलाद के रूप में भी खाकर हम उनसे ढेरों पोषक तत्व ग्रहण कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन फूलों के बारे में जिन्हें पूरी दुनिया में खाने और पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है:
1. सूरजमुखी
रसोई घर में सूरजमुखी के फूलों के उपयोग के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन इसका उपयोग यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी पत्तियां, तना और कली तरह-तरह के व्यंजन बनाने में काम में लिए जाते हैं। इस फूल में भी विटामिन और मिनरल होते हैं।
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2. केसर
केसर को दुनिया का सबसे महंगा मसाला कहा जाता है। केसर का उपयोग खाने में रंग लाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा केसर द्वारा चिकन करी, सूप, मिठाई मिठाई के भी स्वाद और रंग में बढ़ोतरी की जाती है। केसर हमारे पेट को स्वस्थ रखने के साथ पेट की खराबी दूर करने में सहायक है।
3. चमेली
चाय के अलावा चमेली के फूलों का उपयोग सलाद में भी किया जाता है। चमेली के फूलों में एंटीवायरल गुण होते हैं जो दाद, खाज, पेट के कीड़े, मुंह के छाले आदि समस्याओं में आराम देते हैं। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए भी इन फूलों का सेवन किया जाता है। क्योंकि मेटाबॉलिज्म में बढ़ोतरी होने पर जल्दी कैलोरी घटती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
4. स्क्वैश ब्लॉसम
इस फूल का इस्तेमाल मुख्य रूप से मैक्सिकन और इटालियन खाने में किया जाता है। इसके द्वारा खासतौर पर सूप और पास्ता बनाया जाता है। स्क्वैश ब्लॉसम नामक इस फूल में विटामिन सी और पॉटैशियम होता है।
5. गेंदा
चाय बनाने में गेंदे के फूल का उपयोग किया जा सकता है। इस फूल के अंदर पिगमेंट लुटीन मिलता है जो कि आंखों के विटमिन के तौर पर भी जाना जाता है। जिसके द्वारा आंखों की बीमारियों से बचा जा सकता है। एक चम्मच गेंदे के बीच में एक चम्मच मिश्री मिलाकर 1 कप दूध के साथ सुबह-शाम रोजाना पीने से वीर्य की मात्रा में वृद्धि होने के साथ शारीरिक बल में भी वृद्धि होती है। गले में खराश होने पर गेंदे के पत्तों का काढ़ा तैयार करके उससे 2-3 बार गरारे करने पर आराम मिलता है।