स्वास्थ्य

क्या आपका Birthmark सिर्फ एक ब्यूटी मार्क है? ABCDE नियम से जानिए ये स्किन कैंसर खतरा बन सकता है या नहीं

Birthmark Link Skin Cancer: क्या आपके शरीर पर मौजूद बर्थमार्क सिर्फ एक खूबसूरत निशान है? क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट से जानिए किस तरह के जन्मजात निशान आगे चलकर स्किन कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। पहचान के लिए ABCDE नियम भी समझिए।
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Jul 04, 2026
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कुछ खास तरह के बर्थमार्क आगे चलकर स्किन कैंसर (त्वचा के कैंसर) का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।- प्रतीकात्मक तस्वीर(Source- Gemini)

Birthmark Cause: शरीर पर मौजूद बर्थमार्क (जन्मजात निशान) कई बार हमारी खूबसूरती को बढ़ा देते हैं, तो कई बार ये हमारे शरीर के किसी हिस्से पर चुपचाप पड़े रहते हैं। हममें से ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक ब्यूटी मार्क या साधारण निशान समझकर भूल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बर्थमार्क पूरी तरह से सामान्य नहीं होता? क्लीवलैंड क्लिनिक और एनएचएस (NHS) की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास तरह के बर्थमार्क आगे चलकर स्किन कैंसर (त्वचा के कैंसर) का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

आखिर क्यों और कैसे बनते हैं ये बर्थमार्क?

जैसे ही कोई बच्चा पैदा होता है या उसके जन्म के कुछ हफ्तों बाद शरीर पर कुछ निशान उभर आते हैं, जिन्हें हम बर्थमार्क कहते हैं। ये मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं;

1. पिगमेंटेड बर्थमार्क (रंग वाले निशान)- ये तब बनते हैं जब त्वचा को रंग देने वाली कोशिकाएं (cells) एक ही जगह पर बहुत ज्यादा जमा हो जाती हैं। इनमें तिल (moles) और कैफे-ऑ-ले (कॉफी के रंग के धब्बे) शामिल हैं।

2. वैस्कुलर बर्थमार्क (नसों वाले निशान)- ये तब बनते हैं जब त्वचा के नीचे की खून की नसें सही तरीके से नहीं फैलतीं या एक जगह इकट्ठा हो जाती हैं। जैसे- स्ट्रॉबेरी मार्क्स या पोर्ट-वाइन स्टेंस (लाल-बैंगनी रंग के बड़े निशान)।

कब बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा?

अगर किसी बच्चे के शरीर पर जन्म से ही बहुत बड़े आकार का काला या भूरा तिल है, तो उस पर पैनी नजर रखनी चाहिए। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, बड़े आकार के इन तिलों में आगे चलकर मेलानोमा (एक तरह का खतरनाक स्किन कैंसर) में बदलने का जोखिम थोड़ा ज्यादा होता है। अगर बचपन का कोई साधारण सा दिखने वाला निशान अचानक बड़ा होने लगे, उसका रंग बदलने लगे या उसकी बनावट अजीब होने लगे, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।

इन बदलावों को कभी न करें नजरअंदाज (ABCDE नियम)

1. A (Asymmetry)- निशान का एक आधा हिस्सा दूसरे आधे हिस्से से बिल्कुल अलग दिखने लगे।

2. B (Border)- निशान के किनारे (borders) साफ न हों, बल्कि टेढ़े-मेढ़े या धुंधले दिखने लगें।

3. C (Color)- निशान का रंग एक जैसा न रहकर उसमें काला, भूरा, लाल या गुलाबी रंग मिक्स होने लगे।

4. D (Diameter)- अगर निशान का साइज पेंसिल के पीछे लगे रबर (लगभग 6 मिलीमीटर) से बड़ा होने लगे।

5. E (Evolving)- समय के साथ निशान में खुजली होना, खून आना, दर्द होना या उसका उभरना।

अगर इस नियम के अनुसार, आपको संकेत दिखें तो कैंसर विशेषज्ञ से सलाह लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
04 Jul 2026 10:37 am