स्वास्थ्य

10 रुपये में Blood Sugar जांच! IIT Jodhpur का कमाल, पेपर डिवाइस देगा तुरंत रिजल्ट

Blood Sugar Test for Just Rs. 10! IIT Jodhpur Develops Paper Device for Instant Results : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Jodhpur) के शोधकर्ताओं ने एक नया कम लागत वाला, पेपर-आधारित विश्लेषणात्मक उपकरण विकसित किया है जिसे ग्लूकोज के स्तर (Blood sugar leval) का पता लगाने के लिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है।
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Updated: 28 Mar 2024, 3:14 PM IST
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने एक नया कम लागत वाला, पेपर-आधारित विश्लेषणात्मक उपकरण विकसित किया है जिसे ग्लूकोज के स्तर (Glucose test) का पता लगाने के लिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है।

यह उपकरण प्रयोगशाला में निर्मित कार्यात्मक, जैव निम्नीकरणीय कागज (Biodegradable paper) का उपयोग करता है जो उपस्थित ग्लूकोज के स्तर (Glucose test) और मात्रा के आधार पर रंग बदलता है। स्मार्टफोन से कनेक्ट होने पर, यह त्वरित, आसानी से सुलभ और यहां तक कि व्यक्तिगत परिणाम भी प्रदान करता है।

शोधकर्ताओं ने एक बयान में कहा, "यह उपकरण बिना किसी तकनीकी या परिष्कृत प्रयोगशाला सेटिंग की आवश्यकता के मौके पर ही ग्लूकोज परीक्षण (Glucose test) के परिणाम प्रदान कर सकता है। इसके अतिरिक्त, इसे लागत प्रभावी और जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable paper) बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसकी वर्तमान लागत प्रयोगशाला में केवल लगभग 10 रुपये है। टीम इसे बड़े पैमाने पर उत्पादन के दौरान और भी सस्ता बनाने की उम्मीद करती है, केवल 5 रुपये में।

हालांकि पेपर-आधारित विश्लेषणात्मक उपकरण (Paper-Based Analytical Tools) पहले उपयोग किए जा चुके हैं, उन्हें काम करने के लिए विशिष्ट प्रकाश व्यवस्था की आवश्यकता होती थी।

हालांकि, शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग का उपयोग करके डिवाइस को सभी स्मार्टफोन के साथ संगत बनाने के लिए काम किया है ताकि लगभग सभी संभावित प्रकाश स्थितियों में निर्बाध रूप से सूचना प्रसारित और प्रसारित की जा सके।

बयान में आईआईटी जोधपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर अंकुर गुप्ता ने कहा, "स्मार्टफोन अन्य तकनीकों और प्लेटफार्मों के साथ निर्बाध एकीकरण प्रदान करते हैं। स्मार्टफोन-आधारित स्पॉट डिटेक्शन फ्रेमवर्क को बड़े नेटवर्क या डेटाबेस से कनेक्ट करने की क्षमता दूरस्थ निगरानी, डेटा संग्रहण और परिणामों को साझा करने की सुविधा प्रदान कर सकती है। यह कनेक्टिविटी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों या शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।"

शोधकर्ताओं ने कहा कि यह तकनीक यूरिक एसिड और अन्य बीमारियों की जांच और निदान विश्लेषण के लिए अनुकूलित की जा सकती है। निष्कर्ष एसीएस प्रकाशन जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।

प्लेटफॉर्म विश्वसनीय और सटीक परिणाम प्रदान कर सकता है

अंकुर ने कहा, "यह अध्ययन दर्शाता है कि यह विकसित प्रणाली उपयोगकर्ता के अंत में प्रारंभिक रोग जांच के लिए सुसज्जित है। मशीन लर्निंग तकनीकों को शामिल करके, प्लेटफॉर्म विश्वसनीय और सटीक परिणाम प्रदान कर सकता है, इस प्रकार किसी भी बीमारी की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच और निदान के लिए परिणामों की सटीकता का अनुमान लगाने का मार्ग प्रशस्त करता है।"

(आईएएनएस)।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Mar 2024, 3:14 PM IST
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