
छोटे बच्चे के साथ करवा चौथ का निर्जला व्रत रखना किसी चुनौती से कम नहीं है, ऐसे में सेहत और बच्चे की देखभाल दोनों का खास ख्याल रखना जरूरी है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Safe Fasting Tips for Mothers on Karwa Chauth: जब घर में छोटा बच्चा हो, तो हर दिन किसी इम्तिहान जैसा होता है। ऐसे में जब करवा चौथ का निर्जला व्रत आ जाए, तो मांओं की धड़कनें और बढ़ जाती हैं। एक तरफ पति की लंबी उम्र के लिए भूखे-प्यासे रहने की परंपरा, और दूसरी तरफ दिनभर रोता-रोता बच्चा, दूध पिलाने की जिम्मेदारी और घर के काम। अगर आपके साथ भी यही हाल है, तो आइए जानते हैं कि छोटे बच्चे के साथ रहते हुए इस कठिन व्रत को बिना अपनी सेहत बिगाड़े कैसे निभाया जाए।
छोटे बच्चे के साथ व्रत रखना है, तो सबसे पहले अपने दिमाग से यह निकाल दीजिए कि सारे काम अकेले ही करने हैं। बच्चा छोटा है, तो उसकी जरूरतें कभी भी आ सकती हैं। व्रत वाले दिन घर के किसी दूसरे सदस्य या पति को पहले ही जिम्मेदारी सौंप दें कि वे बच्चे को संभालेंगे। जब बच्चा दोपहर में सोए, तो आप भी सारे काम छोड़कर उसके साथ लेट जाएं और आंखें बंद कर लें। अगर नींद पूरी नहीं होगी, तो बिना पानी के शरीर में भयंकर सिरदर्द और चक्कर की दिक्कत शुरू हो जाएगी।
ऑस्ट्रेलियन ब्रेस्टफीडिंग एसोसिएशन के मुताबिक, जो महिलाएं बच्चों को दूध पिलाती हैं, उनके शरीर को ज्यादा एनर्जी और पानी की जरूरत होती है। जब आप दिनभर भूखी-प्यासी रहती हैं, तो इसका असर आपके शरीर के साथ-साथ दूध के बनने पर भी पड़ सकता है। सरगी में ऐसी चीजें बिल्कुल न खाएं जिससे दिन में ज्यादा प्यास लगे। अगर व्रत के दौरान आपको बहुत ज्यादा चक्कर आएं, हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगें या बच्चा भूखा रो रहा हो और आप संभाल न पा रही हों, तो धर्म से पहले आपकी और आपके बच्चे की सेहत आती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, व्रत वाले दिन भारी-भरकम काम करने से बचना चाहिए। बच्चे को बार-बार गोद में उठाना, नहलाना या घर के कपड़े संभालना इस दिन भारी पड़ सकता है। कोशिश करें कि खाना बाहर से आ जाए या घर में ही कुछ बहुत आसान बना लिया जाए। सरगी में सिर्फ चाय-पूरी खाने के बजाय पेट भरकर फल, दूध, और भीगे हुए बादाम खाएं। इससे पेट भी भरा रहेगा और पेट में गैस या एसिडिटी की शिकायत भी नहीं होगी। पूजा की तैयारी भी एक दिन पहले ही रात को निपटा लें ताकि व्रत वाले दिन ज्यादा भागदौड़ न करनी पड़े।
करवा चौथ का व्रत प्यार और विश्वास का त्योहार है, कोई सजा नहीं है। छोटे बच्चे की मां होने के नाते आपकी अपनी सेहत भी उतनी ही जरूरी है जितना कि यह व्रत। थोड़ा आराम करें, परिवार वालों की मदद लें और तनाव बिल्कुल न लें। आप जितना शांत और खुश रहेंगी, आपका बच्चा भी उतना ही सुकून में रहेगा।
Updated on:
28 Oct 2026, 10:24 AM IST
Published on:
28 Oct 2026, 10:20 AM IST
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