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Karwa Chauth Fasting Tips for Pregnant Women: प्रेगनेंसी में रखना है करवा चौथ का व्रत, गायनेकोलॉजिस्ट से जानें किन बातों का ध्यान रखना जरुरी

Pregnant Women Karwa Chauth Vrat: गर्भावस्था में करवा चौथ का व्रत रखना सेफ है या नहीं? नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और स्त्री रोग विशेषज्ञ से जानिए निर्जला व्रत से जुड़ी सावधानियां और सेहतमंद रहने के टिप्स।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 27 Oct 2026, 1:12 PM IST

A pregnant woman looking Karwa Chauth while wearing traditional attire.

प्रेगनेंसी के दौरान करवा चौथ का व्रत रखते समय खानपान और सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Karwa Chauth Fasting Tips for Pregnant Women: सुहाग के इस खास त्योहार पर हर महिला चाहती है कि वह पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखे। लेकिन बात जब प्रेगनेंसी की हो, तो मामला सिर्फ आपके अकेले का नहीं बल्कि पेट में पल रहे नन्हें मेहमान की सेहत का भी होता है। करवा चौथ पर लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना यानी निर्जला व्रत करना सामान्य दिनों में तो मुमकिन है, पर गर्भधारण के समय यह जोखिम भरा हो सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, इस दौरान बिना पानी और खाने के रहना मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसे में अगर आप भी इस साल करवा चौथ का व्रत रखने की सोच रही हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से जरूर बात कर लें और कुछ जरूरी बातों का खास ख्याल रखें।

निर्जला व्रत रखने की भूल बिल्कुल न करें

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा गोयल के अनुसार,प्रेगनेंसी में शरीर को लगातार पोषण और पानी की जरूरत होती है। गर्भ में पल रहे शिशु का विकास पूरी तरह से मां के खानपान पर निर्भर करता है। ऐसे में पूरे दिन बिना पानी और भोजन के रहना यानी निर्जला व्रत रखना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है और ब्लड प्रेशर भी लो हो सकता है, जो बच्चे के लिए ठीक नहीं है।

दिनभर शरीर में पानी की कमी न होने दें

अगर आपकी डॉक्टर ने आपको व्रत की इजाजत दे दी है, तो दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीती रहें। इसके अलावा शरीर में ताकत बनाए रखने के लिए बीच-बीच में नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या ताजे फलों का जूस जरूर लेती रहें ताकि कमजोरी महसूस न हो।

सुबह की सरगी में रखें इन पौष्टिक चीजों का ध्यान

सूर्योदय से पहले खाई जाने वाली सरगी बहुत अहम होती है। इसमें ऐसी चीजें खाएं जो आपको लंबे समय तक ऊर्जा दें। सरगी में दूध, दही, मुट्ठीभर सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स), ताजे फल और साबुत अनाज से बनी चीजें जरूर शामिल करें। चाय या कॉफी पीने से बचें क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है।

बीच-बीच में हल्का फलाहार लेते रहें

व्रत के दौरान भूखे रहने के बजाय बीच-बीच में फल या कोई हल्का-फुल्का आहार लेती रहें। ऐसा करने से शरीर में कमजोरी नहीं आएगी और शुगर लेवल अचानक से नीचे (Hypoglycemia) नहीं गिरेगी। सेहत से समझौता करके कोई भी व्रत रखना समझदारी नहीं है।

आराम करें और भारी कपड़ों से दूरी बनाएं

इस दिन घर के कामकाज में ज्यादा उलझने से बचें। ज्यादा देर तक खड़े रहने से पैरों में सूजन और थकान हो सकती है, इसलिए आराम को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, शरीर पर दबाव डालने वाले भारी-भरकम कपड़े या तंग गहने पहनने से बचें ताकि आपको और आपके होने वाले बच्चे को घुटन या बेचैनी महसूस न हो।

व्रत खोलते समय बरतें खास सावधानी

पूरे दिन भूखे रहने के बाद जब रात को चांद देखकर व्रत खोलें, तो एकदम से बहुत सारा तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना खाने की गलती बिल्कुल न करें। इससे पेट खराब हो सकता है। सबसे पहले एक गिलास पानी या नारियल पानी पिएं, थोड़ा रुककर कुछ फल खाएं और उसके बाद ही कोई हल्का और सादा भोजन करें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।