स्वास्थ्य

मक्खन की जगह आप तो नहीं खा रहे ये जहरीला बटर, मार्जरीन से होता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

Difference between butter and margarine: बाजार में बटर के नाम पर हानिकारक तत्वों से बने मक्खन मिलते हैं, इन्हें मार्जरीन के नाम से भी जाना जाता है। क्या आपको पता है कि ये मार्जरीन कई गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा करता है।
2 min read
• •
Updated: 12 Apr 2022, 11:37 AM IST
butter_vs_margarine_diabetes_cholesterol_obesity_risk.jpg

हमारे खानपान की गलत आदतें ही नहीं, कई बार बाजार में मिलने वाले मिलावटी और घटिया चीजों के कारण भी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। मक्खन की तरह नजर आने वाला मार्जरीन भी कुछ ऐसा ही काम शरीर के साथ करता है। मक्खन से सस्ता होने के कारण इसे ज्यादातर यूज किया जाता है, लेकिन ये मार्जरीन कैंसर-डायब‍िटीज जैसी बीमारियों को न्‍यौता देता है।

मक्खन खाने का जायका बढ़ा देता है, लेकिन इसका जायका कहीं आप पर भारी न पड़ जाएं। क्या आप
मार्जरीन क्या है-what is margarine
जहां मक्खन दूध जैसे नेचुरल पदार्थ से तैयार किया जाता है। वहीं मार्जरीन वेजिटेबल ऑयल से बनाया जाता है। यह अनसैचुरेटेड फैट्स के फायदे को काफी बढ़ा देता है, क्योंकि इसे ट्रांस फैटी एसिड और फ्री रेडिकल्स के साथ पैक किया जाता है। मार्जरीन में सिंथेटिक विटामिन होते हैं। मार्जरीन को मक्खन का रंग देने के लिए ब्लीच और प्रिजर्वेटिव्स यूज होता है।

मार्जरीन और मक्खन दोनों ही सही नहीं- Margarine and butter both are not good
मार्जरीन तो सेहत के लिए सही नहीं ही है, मक्खन भी नहीं होता है। हालांकि मार्जरीन में कोलेस्ट्रॉल मक्खन से कम होता है। वहीं, मक्खन में हाई कोलेस्ट्रॉल के साथ काफी मात्रा में संतृप्त पशु वसा होता है, जो अधिक होने पर एथेरोस्क्लेरोसिस और मायोकार्डियल ही नहीं, रक्त के थक्कों, स्ट्रोक और दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकता है।

जानिए मार्जरीन और मक्खन का के नुकसान- disadvantages of margarine and butter

हार्ट के लिए नुकसानदाय- मार्जरीन ही नहीं, मक्खन भी कोलेस्ट्रॉल से एलडीएल बढ़ सकता है। अधिक सेवन से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमने लगता है और ये दिल के दौर से लेकर स्ट्रोक तक का कारण बनता है।

डायबिटीज का खतरा- मार्जरीन खाने से आंत में वसा विकसित होने लगती है। इससे पेट में चर्बी जमा होती जाती है। इससे हृदय रोग, अल्जाइमर और टाइप-1 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

वेट का बढ़ना- मार्जरीन वेट गेन का भी कारण बनता है। कम कैलोरी होने के कारण लोग इसे खूब खाते हैं और ये तेजी से वजन बढ़ने लगता है। मक्खन असली या नकली दोनों तरह से खतरनाक है।

अल्जाइमर होने का खतरा- अल्जाइमर रिसर्च मेडिकल जर्नल में 2018 की रिपोर्ट के अनुसार मक्खन और मार्जरीन दोनों ही अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश के लिए जिम्मेदार होते हैं।

उल्टी-दस्त- मार्जरीन आपके पेट को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है और दस्त और उल्टी का कारण भी बन सकता है।

ऐसे पहचानें मक्खन और मार्जरीन में अंतर- difference between butter and margarine
असली और नकली मक्‍खन की पहचान मे लिए दो शीशे की कटोरी में पानी भरें। दोनों में आधा चम्मच मक्खन डालें। इसके बाद आयोडीन के घोल की दो से तीन बूंदें डालें। ऐसा करने से असली मक्खन का रंग नहीं बदलेगा, बल्कि मार्जरीन के पानी का रंग नीला हो जाएगा।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
12 Apr 2022, 11:37 AM IST
Published on: