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Lung Cancer Symptoms: पैरों और पंजों में सूजन को न करें नजरअंदाज, अमेरिकन कैंसर सोसाइटी ने बताया लंग कैंसर से भी हो सकता है संबंध

Lung Cancer Symptoms: पैरों और पंजों की सूजन को मामूली थकावट मानकर न छोड़ें। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें कि कैसे पैरों में लगातार रहने वाली सूजन कैसे लंग कैंसर और डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) जैसी बीमारी का संकेत हो सकती है।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 29 Oct 2026, 7:00 PM IST

Swollen feet and legs warning signs related to lung cancer and blood clots

पैरों और पंजों में लगातार बनी रहने वाली सूजन को आम समझकर नजरअंदाज न करें, यह लंग कैंसर या ब्लड क्लॉट का शुरुआती संकेत भी हो सकती है-प्रतीकात्मक तस्वीर

Lung Cancer Symptoms: हममें से कई लोग पैरों और पंजों की सूजन को बहुत हल्की चीज समझ लेते हैं। कभी लंबी दूरी तक पैदल चलने, ज्यादा देर तक खड़े रहने या फिर खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से पैरों में सूजन आ जाती है और हम इसे आम थकावट मानकर भूल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैरों में दिखने वाली यह सूजन किसी बीमारी का संकेत हो सकती है? पैरों और पंजों की यह सूजन कई बार फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) जैसे गंभीर खतरे से भी जुड़ी हो सकती है। इसे समय रहते पहचानना और डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि कैसे यह सूजन लंग कैंसर से जुड़ी हुई है।

क्यों आती है पैरों और पंजों में सूजन?

जब हमारे शरीर के निचले हिस्सों, यानी पैरों और पंजों में पानी या तरल पदार्थ (Fluid) जमा होने लगता है, तो इसे एडिमा (Edema) कहा जाता है। इसके पीछे कई आम वजहें हो सकती हैं जैसे ज्यादा देर तक बैठे रहना, शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाना या फिर कोई मामूली चोट। लेकिन जब यह सूजन बिना किसी साफ वजह के लगातार बनी रहे और जूते पहनने में दिक्कत आने लगे, तो मामला गंभीर हो सकता है। गंभीर बीमारियों के मामलों में शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और तरल पदार्थ नीचे की तरफ यानी पैरों में इकट्ठा होने लगता है।

लंग कैंसर से पैरों और पंजों की सूजन का क्या संबंध है?

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, लंग कैंसर और पैरों की सूजन का सीधा कनेक्शन कई बार खून के थक्कों (Blood Clots) और दिल या फेफड़ों पर पड़ने वाले दबाव से जुड़ा होता है।

  • खून का थक्का जमना (डीप वेन थ्रोम्बोसिस - DVT)- कैंसर जैसी गंभीर स्थिति में शरीर का खून सामान्य से ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इससे पैरों की नसों में खून के थक्के जमने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जब टांगों की नस में थक्का जमता है, तो ब्लड का फ्लो रुक जाता है और उस हिस्से में तेज सूजन और दर्द होने लगता है।
  • सुपीरियर वेना कावा सिंड्रोम (SVCS)- जब फेफड़ों में ट्यूमर बढ़ जाता है, तो वह सुपीरियर वेना कावा नाम की मुख्य नस पर दबाव डालने लगता है। यह नस शरीर के ऊपरी हिस्से से खून को वापस दिल तक ले जाती है। जब इस पर जोर पड़ता है, तो चेहरे, गर्दन और हाथों के साथ-साथ कई बार निचले हिस्सों और पैरों में भी सूजन आने लगती है।

किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, अगर आपको अपने शरीर में नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें;

  • पैरों या पंजों में लगातार सूजन रहना।
  • पैर की उंगलियों से दबाने पर उस जगह पर गड्ढा बन जाना।
  • पैर में अचानक दर्द, खिंचाव या गर्हट महसूस होना।
  • बिना किसी कारण के लगातार खांसी आना।

पैरों की हर सूजन कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी बड़े खतरे को टालने के लिए शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है। अगर आपके पैरों में अक्सर सूजन रहती है और उसके साथ सांस लेने में तकलीफ या कमजोरी जैसी समस्याएं भी जुड़ी हैं, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से मिलकर पूरी जांच करवाएं। सही समय पर लिया गया फैसला आपकी जान बचा सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।