
नई दिल्ली। कोरोना काल ( Corona Era ) में सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) ने न केवल लोगों के जीने का तरीका बदल दिया है, बल्कि उनकी चिंताएं भी बदल गई हैं। इस समय बहुत से लोगों को यह सवाल परेशान कर रहा है कि यदि अचानक कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो ये तो क्या करेंगे? यदि शरीर के किसी खास हिस्से, खासकर दांतों में अचनाक दर्द होने लगे तो क्या करेंगे? ऐसे हालात की कल्पना कर कंपकपी छूटने लगती है, क्योंकि डर है कि यदि इलाज नहीं कराया तो दर्द असह्य हो सकता है और यदि इलाज कराने बाहर निकले तो कोरोना वायरस का संक्रमण ( coronavirus ) हो सकता है। ऐसे वक्त में क्लोव डेंटल की जोनल क्लिनिकल हेड डॉ. भवानी नायर बताती हैं कि यदि आप कुछ हल्के-फुल्के घरेलू उपाय प्रतिदिन करें, तो कई तरह की बीमारियों, खासकर मुख के स्वास्थ्य और दांतों में दर्द ( Dental Pain ) की परेशानी से बचे रह सकते हैं। जानते हैं, ऐसे ही कुछ घरेलू उपायों के बारे में। ध्यान रखें कि यदि घरेलू उपायों से राहत नहीं मिल रही है, तो किसी ऐसे डेंटल क्लिनिक में जाएं, जहां कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।
1. घर में बोर हो रहे हैं तो चलो कुछ खा लेते हैं- कोरोना काल में यह एक सहज सी प्रवृत्ति हो गई है। यह ठीक नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि आप खाने और नाश्ते के समय का एक रुटीन फॉलो करें। आप क्या और कितना खा रहे हैं, इसका भी ध्यान रखें।
2. कोरोना काल में ज्यादातर लोगों की भागदौड़ कम हो गई है। ऐसे समय में जरूरी है कि खाने में सफेद चीजों से विशेष परहेज किया जाए। जैसे- सफेद ब्रेड, मैदा, चीनी इत्यादि इत्यादि का सेवन जितना कम करेंगे, उतना अच्छा रहेगा। नाश्ते और खाने में सलाद और फलों की मात्रा बढ़ा कर आप न केवल स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि अपनी इम्युनिटी पावर को भी बढ़ा सकते हैं।
4. यह बहुत जरूरी है कि आप रोज खूब सारा पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें। बहुत से लोग घर से ऑफिस के काम निपटाने, टीवी देखने या गपशप में मशगूल रह जाते हैं और पानी पीना भूल जाते हैं। यह उनके लिए कई तरह की परेशानी का सबब बन जाता है।
5. दिन में दो बार ब्रश करना मुख के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। ब्रश के बाद मसूढ़ों पर दो मिनट तक साफ उंगली से मसाज करें, यह रक्तसंचार ठीक कर मसूढों को स्वस्थ बनाता है।
6. यदि आप दिन और रात के भोजन के बीच भी कुछ-कुछ खाते रहते हैं, तो उसके बाद भी हल्के ब्रश से दांतों सफाई कर लें, ताकि अन्नकण दांतों या मसूढ़ों में फंसे न रहें। ऐसा करते समय हर बार पेस्ट का उपयोग जरूरी नहीं है।
6. सुबह-शाम गुनगुना पानी में नमक मिला कर गरारे करें। इसके लिए माउथवाश का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सुबह-शाम जिभिया (टंग-क्लीनर) से अपनी जीभ की अच्छी तरह सफाई जरूर करें। यह कीटाणुओं को पनपने से रोकेगा, गंदी सांस से मुक्ति देगा।
7. खरिका (टूथ पिक) या पिन से दांतों को न खोदें। बोतल का ढक्कन या कोई कड़ी चीज दांतों से न खोलें। ऐसा करने से मसूढ़ों को चोट लग सकती है, जिसमें संक्रमण हो सकता है।
लॉकडाउन में बच्चों पर दें खास ध्यान
बच्चों में अच्छी आदतें डालने का यह सबसे बढ़िया समय है। खाने के रुटीन और मुख के स्वास्थ्य के प्रति उसे जागरूक करें। इन दिनों चूंकि वे पूरी तरह अभिभावकों की नजर में हैं, आप उनके लिए एक फूड चार्ट बना सकते हैं। बच्चों को ब्रश करने का सही तरीका सिखाएं। इसके लिए आप कार्टून एवं चित्रों की मदद ले सकते हैं। इससे बच्चे शांत भी रहेंगे और अच्छी आदतें भी सीख लेंगे। चॉकलेट और कैंडीज का ढेर घर में न रखें। बच्चों को यह हिसाब रखना जरूर सिखाएं कि वे एक दिन में कितनी कैंडी, चॉकलेट और चीनी खा रहे हैं।
बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी है जरूरी
कोरोना काल में बुजुर्गों को विशेष सावधान रहना चाहिए। ऐसे लोगों को भुंजा आदि जैसी कठोर चीजें खाने से परहेज करना चाहिए, ताकि कोई दांत न टूटे या कोई ढीला दांत दर्द न करने लगे। दांतों की सफाई के लिए उन्हें खरिका या पिन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। खाने के बाद गुनगुने पानी में नमक मिला कर उससे गरारा करना और रोज दो बार ब्रश करना बुजुर्गों के लिए अनिवार्य है। मसूढ़ों के फूलने की स्थिति में नमक मिश्रित सरसों तेल की मालिश आराम देगी। यदि वे डेंचर का इस्तेमाल करते हैं, तो उसे साफ करते वक्त विशेष सावधानी बरतें, ताकि वह गिरकर टूट न जाए। अगर डेंचर पहनने में दर्द हो रहा है, तो कुछ घंटों के लिए उसे उतारकर आराम देना चाहिए। खाने के बाद डेंचर को साफ करना चाहिए।
युवाओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन जरूरी
युवाओं के लिए सलाह है कि इन दिनों स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन पर विशेष ध्यान दें। साथ ही खूब पानी पीएं। दो बार ब्रश और हरेक खाने के बाद कुल्ला करना आपको दांतों की परेशानियों से बचाएगा। यदि कोल्ड ड्रिंक और फास्ट फूड की आदत है, तो उसे छोड़ दें। अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो उसे छोड़ने के लिए यह सबसे अच्छा समय है। 15-20 मिनट से अधिक समय तक च्युइंग गम चबाना आपके ज्वाइंट को थकाता है, संभल जाएं।
दांत दर्द और कैविटी से कैसे निबटें!
हमने सावधानियों के बारे में जाना, लेकिन यदि समस्या हो ही गयी तो? यदि दांतों में दर्द है, तो समझें कि वह दर्द किस तरह का है और कब बढ़ता या घटता है। यदि ठंडा खाने से दर्द बढ़ता है, तो ढंडी चीजों से परहेज करें। यदि गरम चीजों से दर्द बढ़ता है, तो अपने डेंटिस्ट की राय जरूर लें। यदि दर्द दांतों की बजाय मसूढ़ों में है तो नमक मिश्रित गुनगुने नमकीन पानी से कुल्ला करें और दर्द वाले स्थान पर हल्की मालिश करें।
यदि केस-क्राउन गिर जाए, तो घबराएं नहीं, इसे तब तक संभाल कर रखें जब तक कि आप डेंटिस्ट के पास न पहुंच जाएं। अगर फिलिंग निकल गयी है, तो उस तरफ से चबाना बंद करें। खरिका या पिन का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। यदि कोई तेज दर्द से तड़प रहा है, जो सिर तक को जकड़ चुका है, या दांत टूट गया है, या किसी दुर्घटना में दांतों में चोट लगी है, तो बाहर से गरम सिंकाई कतई न दें।
ध्यान रखें, कोई भी दवा अपने डेंटिस्ट की सलाह के बाद ही लें। परेशानी ज्यादा होने पर इलाज के लिए जरूर जाएं, लेकिन किसी ऐसे डेंटल क्लिनिक का चयन करें, जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। क्लोव डेंटल की सभी क्लिनिकों में कोरोना से बचाव के जरूरी उपाय किये गये हैं। डेंटिस्ट को एलर्जी और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जरूर बताएं।
अफवाहों पर ध्यान न दें
आप तक पहुंचने वाली हरेक सूचना सही हो, यह जरूरी नहीं है। दांतों के संदर्भ में भी कई तरह के मिथक मौजूद हैं, जो परेशानी को बढ़ा देते हैं। यदि अचानक दांत में दर्द हो, तो दांतों के बीच फंसे अन्न को खरिका या पिन से न निकालें। दर्द के दौरान लौंग या फिटकरी को सीधा मसूढ़ों पर कभी न रखें, इससे परेशानी बढ़ सकती है। हड़बड़ी में गलत इलाज से परेशानी न बढ़ाएं। हमेशा याद रखें- नीम हकीम खतरा ए जान।