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Women Cellulite Causes: सेल्युलाईट क्या है और महिलाओं में क्यों होता है? जानिए इसे कम करने के असरदार तरीके

Women Cellulite Causes: महिलाओं में सेल्युलाईट बेहद आम है। जानिए सेल्युलाईट क्या होता है, इसके कारण, हार्मोन का रोल और एक्सरसाइज से इसे कम कैसे किया जा सकता है।

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Feb 07, 2026
Women Cellulite Causes (Photo- gemini ai)

Women Cellulite Causes: किशोरावस्था से लेकर वयस्क उम्र तक आते-आते ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर में कई बदलाव महसूस करती हैं। इन्हीं में से एक है सेल्युलाईट। जब जांघों, हिप्स या नितंबों की त्वचा पर हल्की गड्ढेदार बनावट दिखने लगती है, तो अक्सर मन में सवाल आता है ये सिर्फ मेरे साथ ही क्यों? लेकिन सच्चाई यह है कि सेल्युलाईट बेहद आम है। रिसर्च के मुताबिक, 80 से 90 प्रतिशत महिलाओं में जीवन के किसी न किसी दौर में सेल्युलाईट दिखता है, फिर चाहे उम्र, वजन या फिटनेस लेवल कुछ भी हो। यह कोई बीमारी नहीं है और न ही खराब सेहत का संकेत।

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आखिर सेल्युलाईट होता क्या है?

सेल्युलाईट तब बनता है जब त्वचा के नीचे मौजूद फैट सेल्स ऊपर की ओर दबाव डालते हैं और नीचे की कनेक्टिव टिश्यू त्वचा को खींचती है। इससे त्वचा पर संतरे के छिलके जैसी बनावट नजर आने लगती है। महिलाओं में सेल्युलाईट ज्यादा दिखता है क्योंकि उनके शरीर में फैट का वितरण, हार्मोन और कनेक्टिव टिश्यू की बनावट पुरुषों से अलग होती है। एस्ट्रोजन हार्मोन इसमें अहम भूमिका निभाता है। उम्र बढ़ने, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव से सेल्युलाईट ज्यादा नजर आ सकता है। इसके अलावा जेनेटिक्स भी कारण हो सकता है, यानी अगर मां या दादी को था, तो आपको भी हो सकता है। यह समझना जरूरी है कि सेल्युलाईट आलस, मोटापे या फिट न होने की वजह से नहीं होता। पतली और फिट महिलाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं।

क्या एक्सरसाइज से सेल्युलाईट कम हो सकता है?

एक्सरसाइज से सेल्युलाईट पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन इसकी दिखावट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जब मांसपेशियां मजबूत होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और शरीर का फैट कंट्रोल में रहता है, तो त्वचा ज्यादा स्मूद दिखने लगती है। खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, सिर्फ कार्डियो से ज्यादा असरदार होती है।

सेल्युलाईट कम करने के लिए बेस्ट एक्सरसाइज

स्क्वैट्स: जांघों और हिप्स के लिए बेहतरीन, 12-15 रेप्स के 3 सेट

लंजेस: जांघ और नितंब मजबूत होते हैं, हर पैर से 10-12 रेप्स

ग्लूट ब्रिज: बट और लोअर बॉडी टोन करता है

स्टेप-अप्स: पैरों की ताकत और शेप सुधारता है

डेडलिफ्ट्स: जांघों के पीछे की मांसपेशियों के लिए असरदार

साइक्लिंग और तेज चलना: ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है

कुछ और आदतें जो मदद करती हैं

पानी ज्यादा पिएं, प्रोटीन लें, फल-सब्जियां खाएं और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचें। मसाज, फोम रोलिंग या ड्राई ब्रशिंग से कुछ समय के लिए त्वचा स्मूद दिख सकती है। सेल्युलाईट बिल्कुल नॉर्मल है। इसे पूरी तरह हटाने के बजाय मजबूत मांसपेशियों, एक्टिव लाइफस्टाइल और हेल्दी बॉडी पर ध्यान दें। यही असली फिटनेस है।

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Published on:
07 Feb 2026 04:57 pm
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