स्वास्थ्य

पागल कुत्ते ने 13 को काटा, अस्पताल में लगी लाइन

डौंडीलोहारा में सुबह से दोपहर तक पागल कुत्ते ने कहर मचा दिया। एक ही दिन में 13 लोगों को काट लिया और लहूलुहान कर दिया। अस्पताल में एक साथ मरीजों के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई।
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डौंडीलोहारा में सुबह से दोपहर तक पागल कुत्ते ने कहर मचा दिया। एक ही दिन में 13 लोगों को काट लिया और लहूलुहान कर दिया। अस्पताल में एक साथ मरीजों के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई।

डौंडीलोहारा में बुधवार को एक पागल कुत्ते ने आतंक मचा दिया। सुबह से दोपहर तक अलग-अलग जगहों पर 13 लोगों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। एक ही दिन में इतने लोगों को काटने से नगर में दहशत फैल गई। लोग लाठी-डंडा लेकर कुत्ते को खोजते रहे। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां एक साथ इतने मरीज पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई।

10 भर्ती, 3 को छुट्टी

बीएमओ डॉ. विनोद चौरका ने बताया कि 10 मरीजों को भर्ती किया गया है। बाकी 3 को एंटी रैबीज वैक्सीन और प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सभी की हालत अब स्थिर है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

अस्पताल पहुंचा पूरा नगर पंचायत

घटना की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, पार्षद किशोर दीवान, बीरसिंह ठाकुर, एल्डरमैन जीवराखन कौमार्य, धीरेन्द्र टॉक, थानेश्वर यादव और प्रांजल कोलियारे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने घायलों से मिलकर हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

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वैक्सीन की कमी नहीं, 24 घंटे में लगवाएं इंजेक्शन

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल उइके ने घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा कि डौंडीलोहारा की घटना दुखद है। संबंधित बीएमओ और स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी 13 पीडि़तों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लोगों से अपील है कि कुत्ता काटने के बाद लापरवाही न बरतें। 24 घंटे के भीतर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर वैक्सीन जरूर लगवाएं। रैबीज जानलेवा बीमारी है, जिसका वायरस कुत्ते की लार में होता है।

हर माह 200 लोग हो रहे शिकार

जिले में आवारा कुत्तों का आंकड़ा डराने वाला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी से जुलाई तक 1500 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। हर महीने औसत 190 से 200 लोग शिकार हो रहे हैं। अप्रैल से जून के बीच 601 लोग कुत्ते के शिकार हो चुके हैं।

शाम होते ही सड़क पर चलना मुश्किल

बालोद शहर के पांडेपारा, नयापारा, टिकरापारा, रेलवे कॉलोनी, लोक निर्माण कॉलोनी में शाम होते ही कुत्तों के झुंड सड़कों पर आ जाते हैं। बाइक सवारों का पीछा कर गिरा देते हैं। मछली बाजार और मटन दुकानों के पास कचरा और कच्चा मांस खाने के बाद ये कुत्ते और हिंसक हो रहे हैं। लोगों ने नगर पालिका से कुत्तों को पकडऩे के लिए अभियान चलाने की मांग की है।

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कौन-कौन हुए घायल

गंगाबाई पति खोरबाहरा राम (64) बुंदेली
भादुराम यादव (60) डौंडीलोहारा
मानो बाई पति मेहतर (60) चिल्हाटी
शत्रुहन सिंह (63) उरेता
युवराज पिता पगनुराम (32) कसही
ऋषभ पिता मनरत्न कसही
रेवती पति विनोद (28) कसही
सुशांत (10) कसही
हिना पिता देवाराम (18) कसही
पायल पिता पिभन (20) डौंडीलोहारा
भागवती पति दिनेश यादव (50) डौंडीलोहारा
शशिकला पति चंदन सिन्हा (63)
विसराम सिंह (58) सोरली