
नई दिल्ली । पूरी दुनिया कोरोनावायरस की तीसरी लहर की चपेट में है । भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। इससे अछूता नहीं है। इस महामारी से बचने के लिए कई तरह के दिशा-निर्देश सरकार ने जारी किए हैं। इनमें सबसे अहम है मास्क लगाए रखना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना। अब समस्या यह है कि इस बीमारी से बचने के लिए क्या हर मास्क उपयोगी है। डिजाइनर मास्क भी बाजार में मिल रहे हैं लेकिन इन्हें लगाकर सार्वजनिक स्थलों पर या दफ्तरों में सुरक्षित रहा जा सकता है। यह सोच का विषय है।
जी99 मास्क कोरोना से बचाव के लिए कारगर -
विशेषज्ञों के मुताबिक, क्लीनिकली एप्रूव्ड मास्क से ही कोरना से बचाव हो सकता है और इस क्रम में एन95 मास्क उपयोगी बताए जा रहे हैं। एक और मास्क है, जिसे कोरोना के खिलाफ लड़ाई मे कारगर माना जा रहा है। इस मास्क का नाम जी99 है और इसे नई दिल्ली की कंपनी ने तैयार किया है। जी99 मास्क कोरोना से 99.99 प्रतिशत तक सुरक्षा करता है। यह अमेरिका की आईएसओ सर्टिफाईड लैबोरेटरी द्वारा अनुमोदित है। यह स्विस टेक्नॉलॉजी द्वारा पॉवर्ड है, जो प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट से सर्टिफाइड है। जीनस जी99 मास्क को खासततौर पर कोरोना से बचाव के लिए बनाया गया है। इसमें अतिरिक्त सुरक्षा के लिए पांच परतें हैं। सबसे अंदर की परत ऑर्गेनिक कॉटन की है, जो लंबे समय तक पहने जाने के बाद अतिरिक्त कम्फर्ट प्रदान करती है। यह अत्यधिक मुलायम स्किन-फ्रेंडली कॉटन परत नमी को अवशोषित कर लेती है, जिससे कम गर्मी उत्पन्न होती है। ट्रिपल पार्टिकुलेट (3 इन टू 1) कंपोजिट नैनोटेक फिल्ट्रेशन सिस्टम प्रदूषण, बैक्टीरिया, पीएम 2.5 पार्टिकल्स को फिल्टर कर सपोर्ट का काम करता है। बाहरी परत ड्रॉपलेट्स से सुरक्षा देती है और बड़े कणों को फिल्टर कर देती है।