स्वास्थ्य

Colon Cancer Risk: सिर्फ खून की कमी नहीं, ये एक चीज कम हुई तो हो सकता है कैंसर का खतरा! नई स्टडी में हुआ खुलासा

Colon Cancer Risk: नई रिसर्च बताती है कि उम्र बढ़ने के साथ DNA में होने वाले बदलाव कोलन कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। जानिए ACCA Drift क्या है और कैसे बचाव संभव है।
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Jan 26, 2026
Colon Cancer Risk
Colon Cancer Risk (photo- gemini ai)

Colon Cancer Risk: हमारी उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है, हमारे शरीर में कई छोटे-छोटे बदलाव होते रहते हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा छुपा हुआ बदलाव खोजा है, जो आंतों के कैंसर यानी कोलन कैंसर के खतरे को उम्र के साथ बढ़ा सकता है। यह बदलाव हमारे DNA में होता है, लेकिन DNA की बनावट बदले बिना।

वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को ACCA Drift (Aging and Colon Cancer-Associated Drift) कह रहे हैं। इसमें DNA पर मौजूद केमिकल निशान धीरे-धीरे बदलते हैं, जिससे कुछ जरूरी जीन ऑफ हो जाते हैं। ये वही जीन होते हैं जो आमतौर पर कैंसर को रोकने का काम करते हैं।

DNA बदले बिना भी खतरा कैसे बढ़ता है?

असल में हमारे DNA पर एक तरह की केमिकल लेयर होती है, जिसे एपिजेनेटिक बदलाव कहा जाता है। यह तय करती है कि कौन-सा जीन चालू रहेगा और कौन-सा बंद। इस स्टडी में पाया गया कि उम्र बढ़ने के साथ ये केमिकल निशान गड़बड़ा जाते हैं और धीरे-धीरे कैंसर से बचाने वाले जीन बंद होने लगते हैं। इससे कैंसर का खतरा सालों पहले ही बढ़ना शुरू हो जाता है, भले ही शरीर में कोई ट्यूमर न दिखे।

रिसर्च में क्या पाया गया?

इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ ट्यूरिन समेत अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने स्वस्थ लोगों की आंतों और कोलन कैंसर के ट्यूमर दोनों की जांच की। हैरानी की बात यह थी कि बुजुर्गों की स्वस्थ आंतों और कैंसर वाली आंतों में जीन बंद होने का पैटर्न लगभग एक जैसा पाया गया। इससे साफ हुआ कि उम्र और कैंसर के पीछे एक ही जैविक प्रक्रिया काम कर रही है।

आंतों की स्टेम सेल्स हैं असली वजह

यह बदलाव आंतों में मौजूद छोटी-छोटी जगहों, जिन्हें इंटेस्टाइनल क्रिप्ट्स कहा जाता है, वहां से शुरू होता है। इन्हीं में स्टेम सेल्स होती हैं, जो आंतों की परत को नया बनाती रहती हैं। जब इन स्टेम सेल्स में सूजन बढ़ती है, आयरन की कमी होती है और ग्रोथ सिग्नल कमजोर पड़ते हैं, तो DNA के गलत निशान ठीक नहीं हो पाते। नतीजा कैंसर रोकने वाले जीन बंद होने लगते हैं।

सूजन और आयरन की कमी क्यों खतरनाक है?

शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब कोशिकाओं में आयरन कम होता है, तो DNA की सफाई ठीक से नहीं हो पाती। गलत केमिकल निशान बने रहते हैं और कोशिकाएं बूढ़े और कमजोर व्यवहार करने लगती हैं। धीरे-धीरे ऐसे खतरनाक इलाके आंतों में फैलते जाते हैं, जिससे कैंसर को पनपने के ज्यादा मौके मिलते हैं।

अच्छी खबर क्या है?

अच्छी बात यह है कि लैब में उगाई गई मिनी-आंतों (Organoids) पर किए गए प्रयोगों में वैज्ञानिक इस एपिजेनेटिक बदलाव को धीमा करने और कुछ हद तक पलटने में भी सफल रहे। आयरन की मात्रा बढ़ाने और जरूरी ग्रोथ सिग्नल दोबारा सक्रिय करने से कोशिकाओं की हालत सुधरने लगी।

इसका मतलब क्या है?

इस रिसर्च से यह उम्मीद जगी है कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाले ये नुकसान स्थायी नहीं हैं। भविष्य में सही पोषण, सूजन पर नियंत्रण और नई थैरेपी से कोलन कैंसर के खतरे को समय रहते कम किया जा सकता है। यह स्टडी Nature Aging नाम की वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुई है।

Updated on:
26 Jan 2026 03:42 pm
Published on:
26 Jan 2026 03:42 pm
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