
कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन इंग्लैंड से शुरू होकर दुनियाभर में फैल गया है। भारत में भी इसके कई मामले आ चुके हैं। कोविड-19 का नया रूप एन501वाई न केवल अधिक तेजी से फैल रहा है, बल्कि बच्चों में इसके संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अमरीकी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने सलाह दी है कि जैसे ही लक्षण दिखें तो तत्काल मेडिकल मदद लेनी चाहिए। क्योंकि नया कोरोना तेजी से संक्रमण फैला रहा है।
इनमें दिख रहा नया स्ट्रेन
कोविड-19 के नया स्ट्रेन ऐसे मरीजों में देखने ेको मिल रहा है जिनकी इम्युनिटी पहले से ही काफी कम है। इसके अलावा कैंसर के रोगी, स्टेरॉइड दवा लेने वालों, हाल ही अंग प्रत्यारोपण हुआ है या फिर कोरोना काफी लंबा चला है, उनमें भी जोखिम ज्यादा है। इसके साथ ही जिनके इलाज में एक बार से अधिक प्लाज्मा थैरेपी दी गई थी। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लक्षणों में विशेष बदलाव नहीं, हल्की गंभीरता बढ़ रही है
कोरोना के मुख्य लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, गला खराब और थकान होती है। इसके अलावा अलग-अलग मरीजों में नाक का बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ, पेट से संबंधित संक्रमण, सूंघने और स्वाद की शक्ति का जाना, डायरिया, आंखों में संक्रमण, सिर दर्द, शरीर पर लाल रेशेज आदि हैं। ऐसे लक्षण नए स्टे्रन में भी दिख रहे हैं लेकिन इसकी गंभीरता पहले वाले से थोड़ी ज्यादा है।
इन पांच लक्षणों की अनदेखी न करें
कोरोना वायरस वैसे तो ज्यादा मामलों में खतरनाक नहीं होता है लेकिन इसके पांच ऐसे लक्षण हैं जो गंभीरता के संकेत देते हैं। इनमें सांस लेने में दिक्कत, छाती में दबाव या दर्द महसूस होना, भम्र की स्थिति बनना, बेहोशी छाना या फिर चेहरा या होंठ नीला होना है। इन लक्षणों की अनदेखी न करें। इनसे दिक्कत बढ़ सकती है। नए कोरोना में भी इसी तरह के लक्षणों वाले मरीजों में गंभीरता ज्यादा आ रही है। कोरोना के पुराने गाइड लाइन के अनुसार सावधानी बरतें।
७०त्न तेजी से फैल रहा!
कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है। इसकी जीनोम संरचना पर शोध चल रहा है। इस वायरस के प्रोटीन स्पाइक का रूप बदला है। स्पाइक के बदलाव से इसकी चिपकने की क्षमता बढ़ गई है। इसकी वजह से ये अब पहले की तुलना में 70त्न तेजी से संक्रमित कर रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके ही 17 प्रकार हैं।
देसी वैक्सीन भी असरदार
देश में दो स्वदेशी वैक्सीन बन चुकी हैं। यह दोनों ही कोरोना के नए स्टे्रन पर भी असर करेंगी क्योंकि नए स्टे्रन के केवल स्पाइक में ७०त्न तक बदलाव हुआ है। दोनों ही वैक्सीन डेड वायरस और स्पाइक से ही बनी हैं। इसलिए इन पर असर करेंगी।
डॉ. पुलिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, राम मनोहर लोहिया मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली
डॉ. सुनील महावर, सीनियर फिजिशियन, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर